बाबा महाकाल के दरबार की दिनचर्या में आज (10 अक्टूबर) से परिवर्तन हो गया। महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की चार आरतियों के समय में परिवर्तन किया गया है। भस्म आरती व शयन आरती का समय यथावत रहेगा। यह बदलाव कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फल्गुन पूर्णिमा तक जारी रहेगा। यह बदलाव मौसम में आये परिवर्तन के कारण हर साल किया जाता है।
सर्दियों का मौसम शुरू होते ही भगवान महाकाल समेत अन्य मंदिरों की दिनचर्या में परिवर्तन किया जाता है। ऐसा दो बार बदलाव होता है। सर्दी का मौसम शुरू होने पर कार्तिक माह व गर्मी का मौसम शुरू होने पर फल्गुन मास में मंदिर में होने वाली बाबा महाकाल की आरतियों का समय बदलता है।
महाकाल की रोजाना सुबह से शाम तक छह आरती होती है। आज से भस्म आरती व शयन आरती को छोड़कर शेष चार आरती के समय में बदलाव किया जाएगा।
- प्रथम आरती भस्म आरती - प्रात: 4 से 6 बजे तक
- द्वितीय आरती दद्योदक - प्रात: 7.30 से 8.15 बजे तक
- तृतीय भोग आरती- प्रात: 10.30 से 11.15 बजे तक
- चतुर्थ संध्या आरती- सायं 6.30 से 7.15 बजे तक
- शयन आरती- रात्रि 10.30 से 11 बजे तक
- संध्याकालीन पूजन- सायं 5 से 5.45 बजे तक
इधर उज्जैन में 'श्री महाकाल लोक' का लोकार्पण अवसर नजदीक आ चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को इसका लोकार्पण करेंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। हालांकि 'महाकाल लोक' का लोकार्पण भले ही 11 अक्टूबर को हो जाएगा, लेकिन पर्यटक महाकाल लोक को 14 अक्टूबर से ही निहार सकेंगे।