MP Election 2023: मध्य प्रदेश के बालाघाट में कल यानी 27 नवंबर के दिन ‘डाक मत पत्र’ छंटनी का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो एमपी की सियासत में घमासान मच गया. इसके बाद कांग्रेस ने धांधली का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से कई शिकायतें की.

फिर देखते ही देखते ये पूरा मामला राजधानी भोपाल तक आ पहुंचा. कांग्रेस ने अपनी शिकायत में कलेक्टर और मुख्य जिला निर्वाचन अधिकारी गिरीश कुमार मिश्रा पर कार्रवाई की मांग की है. हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए बालाघाट के एक निर्वाचन सहायक नोडल अधिकारी हिम्मत सिंह को तुरंत निलंबित कर दिया गया है.

क्या है पूरा मामला-

दरअसल, एमपी में कांग्रेस की तरफ से निर्वाचन संबंधी कार्रवाई के लिए प्रभारी बनाए गए जेपी धनोपिया ने आरोप लगाया कि जिले के मुख्य निर्वाचन अधिकारी गिरीश कुमार मिश्रा की अनुमति के बिना स्ट्रॉन्ग रूम खोलकर डाक मत पत्रों की छंटनी कैसे हो सकती है, ये नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, बालाघाट का जो वीडियो वायरल हुआ है उस पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. हालांकि, कुछ नेताओं के वीडियो जिले के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पक्ष में भी नज़र आए, जिस पर जेपी धनोपिया ने कहा कि बालाघाट जिला प्रशासन के पक्ष में जो वीडियो जारी किए गए, वह दबाव में बनवाए गए हैं.

कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने आगे बताया कि जब 2 दिसंबर की तारीख तय हुई है तो फिर बालाघाट में मतपत्र के साथ अलग से छेड़छाड़ क्यों की गई? डाक मतपत्र की छंटनी और स्ट्रॉन्ग रूम खोलना बेहद गंभीर मामला है. इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुपम राजन को भी ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई है. वहीं, पीसीसी के प्रवक्ता के.के मिश्रा ने भी कलेक्टर पर कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने निर्वाचन आयोग से पत्र लिखकर मांग की गई है कि मतगणना प्रक्रिया के दौरान बालाघाट कलेक्टर को दूर रखा जाए.

कलेक्टर ने दी वायरल वीडियो पर सफ़ाई-

फिलहाल, बालाघाट कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा ने भी सफ़ाई देते हुए वीडियो जारी किया. जिसमें उन्होंने बताया कि कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं की मौजूदगी में डाक मत पत्र की छंटनी का काम हुआ है. इसमें किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरती गई है. दोनों ही दलों सहित सभी प्रत्याशियों को फोन पर सूचना दे दी गई थी. उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मत पत्र छंटनी का काम हुआ है.