बिहार के छपरा में नकली शराब से अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है। 30 मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनकी हालत गंभीर है यानी मरने वालों की संख्या और भी बढ़ सकती है। जिस इलाके में घटना हुई है वहां के थानाध्यक्ष रितेश मिश्रा समेत दो लोगों को निलंबित कर दिया गया है। जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। 20 लोग हिरासत में हैं।
वहीं दूसरी ओर सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि नकली शराब शुरू से ही लोगों की जान ले लेती है। सभी को सावधान रहना चाहिए, क्योंकि जब शराब बंदी होगी तो खराब शराब मिलेगी। जो शराब पीएगा वो मर ही जाएगा। बिहार का ये शराब कांड संसद में भी गूंजा। बिहार विधानसभा में भी बीजेपी विधायकों ने जमकर हंगामा करके नीतीश सरकार को घेरा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को सब पता था। सप्लायर की सेटिंग के कारण, पुलिस ने उन सभी को नज़रअंदाज़ कर दिया। स्वास्थ्य केंद्र के एक कर्मचारी के मुताबिक़ क्षेत्र में शराब की सप्लाई करने वाले व्यक्ति की मौत खुद शराब पीने से हो गई है। पुलिस ने सप्लायर को कई बार गिरफ्तार किया, फिर छोड़ दिया।
दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि यह बिहार का दुर्भाग्य है। बिहार में शराब नीति लागू होने के बाद से अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन मुख्यमंत्री की हमदर्दी नहीं जागी। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि शराबबंदी लागू होने के बाद 6 साल में नकली शराब से 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।