भोपाल। मध्यप्रदेश में महुआ से अब तक केवल शराब ही बनाई जाती रही है , लेकिन भविष्य में बिस्किट और केक बनाए जाएंगे। पहले चरण में राज्य के तीन वन मंडलों सीहोर, बेतूल और होशंगाबाद में इसकी शुरुआत की जाएगी।
प्रदेश के तीन वनमंडलों सीहोर, उत्तर बैतूल एवं होशंगाबाद में वनोपज महुआ से बिस्कुट, केक आदि उत्पाद बनाये जायेंगे। प्रदेश के वन मुख्यालय में स्थित ग्रीन इण्डिया मिशन इन तीनों वनमंडलों में विश्व बैंक की सहायता से महुआ का उत्पादन बढ़ा रही है। इन वनमंडलों में महुआ से निर्मित उत्पाद बनाने के लिये अब मशीनरी भी लगाई जाना है।
इस कार्य में कितनी लागत आयेगी और कितना लाभ होगा, इसका अध्ययन कराने के लिये ग्रीन इण्डिरूा मिशन ने इच्छुक फर्मों से एक्सप्रेशन आफ इन्ट्रेस्ट मांगा है। चयनित फर्मों से उनके तकनीकी एवं वित्तीय प्रस्ताव मांगे जायेंगे और इसके बाद किसी एक फर्म का चयन किया जायेगा।
प्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले के तामिया में अभी वहां के आदिवासी समूह द्वारा महुआ आदि से निर्मित उत्पाद बन रहे हैं। इसे नाबार्ड ने वित्तीय सहायता दी है। उक्त तीनों वनमंडलों में महुआ से बिस्कुट, केक आदि बनने पर यही आदिवासी समूह इनका क्रय करेगा। इसलिये बाजार भी इसके लिये निर्धारित है।
तीनों वनमंडलों में महुआ उत्पाद का निर्माण कितना लाभदायक है, इसके अध्ययन के लिये चयनित फर्म को चार माह का समयस दिया जायेगा तथा बदले में ग्रीन इण्डिया मिशन उसे भुगतान भी करेगा। अध्ययन रिपोर्ट मिलने के बाद वल्र्ड बैंक की मदद से इन वनमंडलों में महुआ उत्पाद बनाने के संयंत्र लगाये जायेंगे। परिणाम अनुकूल आने पर इसे प्रदेश के अन्य वनमंडलों में इसे लागू किया जायेगा।