मप्र में भाजपा हाईकमान के 'प्रयोग' को आज बिहार में उपयोग के लिए आजमाया जा रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज पटना पहुंचे हैं, जहां वे भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात के साथ ही कुछ कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। यादव को मप्र में सीएम बनाते वक्त भी यह बात उभरी थी कि भाजपा ने पिछड़ा वर्ग को तरजीह देने की रणनीति के तहत बिहार व उप्र तक ओबीसी को संदेश देने के लिये यादव को चुना है। 

बिहार में यादव वोटरों की संख्या सर्वाधिक है। कुछ महीने पूर्व आई जातीय सर्वे रिपोर्ट में भी साबित हुआ कि यादव सबसे ज्यादा संख्या में बिहार में हैं। जबकि यादव वोटरों के रुझान पर गौर करें तो वर्ष 1990 से यादवों को लालू यादव की पार्टी का कोर वोट बैंक माना जाता है। इसी यादव वोटों के सहारे लालू यादव अपनी सियासत को एम-वाई यानी मुस्लिम-यादव गठजोड़ के सहारे बिहार में आगे बढ़ाते हैं। पिछले तीन दशक में साबित भी हुआ है कि यादवों के बड़े नेता लालू यादव हैं। माना जाता है कि उनके इसी वोटों में सेंधमारी करने पर की भाजपा की योजना है।

इसीलिए मोहन यादव का बिहार दौरा खास बनाने के इंतजाम किये गये हैं। यहां यादव का जोरदार स्वागत की तैयारी की गई है। इसके जरिये भाजपा बिहार के 14.26 फीसद यादवों को साधेगी। ज्ञात हो बिहार में 7 मंत्री यादव समुदाय से हैं। इनके पास सरकार के 10 बड़े विभाग हैं। 243 सीटों में से 52 विधायक यादव समुदाय से हैं। लोकसभा की 40 में से 5 सांसद भी यादव समुदाय के हैं। 

आज मोहन यादव श्रीकृष्णा मेमोरियल हॉल, गाँधी मैदान में स्थानीय कार्यक्रम में सम्मानित होंगे। फिर वे वीरचंद पटेल पथ, (भाजपा प्रदेश कार्यालय) पहुंचेगे। जहां उनका स्वागत होगा। फिर शाम को इस्कॉन मंदिर में दर्शन पूजन के बाद वे शाम को भोपाल लौटेंगे।