भाजपा का मांडू में जारी तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन सीएम शिवराज आज फिर पहुंचे हैं। कल के सत्र में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए थे। आज केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी वहां पहुंचे।

तीन दिन के चिंतन का मुख्य फोकस मालवा व निमाड़ अंचल की 66 विधानसभा सीटों पर है। पिछले चुनाव में इनमें से 38 सीट कांग्रेस के खाते में गई थी और भाजपा को झटका लगा था। जबकि 2013 के चुनाव में भाजपा को यहां 57 सीट मिली थीं।

भाजपा यहां आदिवासी बहुल सीटों पर अपना प्रभाव बढ़ाने की रणनीति तैयार कर रही है। वहीं सिंधिया ने सत्र में कहा कि 2014 के पहले भारत की विदेश नीति बैकफुट पर चल रही थी, इसका गहरा प्रभाव भारत के हर क्षेत्र पर पड़ा। इस कारण कई देश जो भारत से आर्थिक रूप से कमजोर थे, वे भी हम पर हावी थे।

लेकिन पिछले 8 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूत विदेश नीति के कारण आज भारत वैश्विक शक्ति बन चुका है। 

भाजपा के दर्जन भर मंत्री व तीस विधायक डेंजर ज़ोन में:

सूत्रों का कहना है कि मप्र में भाजपा ने अपनी तैयारियों में उन फीडबैक को भी शामिल किया है जो अगले साल होने वाले विस चुनाव के मद्देनजर उसे मिले हैं। इनमें मौजूद लगभग १५ मंत्रियों की जीत को लेकर शंकाएं हैं। इनमें से कई मालवा निमाड़ के मंत्री हैं। इसके अलावा करीब तीस विधायक भी ऐसे हैं जिनका फिर चुनाव जीतना आसान नहीं माना गया है। इसलिए भाजपा ने कई और इलाकों में चिंतन-प्रशिक्षण शिविर लगाकर हालात सुधारने का निर्णय लिया है।

एक सूत्र का कहना है कि अगले छह महीने में भी डेंजर जोन में आए विधायकों-मंत्रियों की स्थिति में सुधार नहीं होता है तो पार्टी दूसरे चेहरों को तलाशने का काम भी शुरू कर देगी।