भोपाल: गणतंत्र दिवस के मौके पर सागर विवि की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने तिरंगा के प्रतीक को अपने पैरों के नजदीक रखकर खुद को तिरंगा और देश से ऊपर होने का संदेश देने का प्रयास किया है। छद्म राष्ट्रवाद की आड़ में उनका यह कृत्य अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य अपराध है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को इस मामले में तिरंगे के सम्मान की रक्षा के लिए गंभीर कदम उठाना चाहिए।

यह बात मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ संदीप सबलोक ने सागर के डॉ हरिसिंह गौर विवि की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता द्वारा गणतंत्र दिवस पर तिरंगे के अपमान पर कही है। उन्होंने कहा कि तिरंगे का सम्मान देश की आस्था और गरिमा से जुड़ा है। हर भारतवासी इस तिरंगे पर गर्व और गौरव महसूस करता है। लेकिन महान विधिवेत्ता और संविधान सभा के सदस्य डॉ सर हरिसिंह गौर की ज्ञानपीठ के रूप में स्थापित सागर विवि की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने जिस तरह से तिरंगा के प्रतीक को अपने पैरों के नजदीक लाकर खुद को तिरंगा और देश से ऊपर होने का संदेश देने का प्रयास किया है उससे उनकी छद्म राष्ट्रवादी विचारधारा उजागर होती है जो अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य अपराध है। 

कांग्रेस प्रवक्ता डॉ संदीप सबलोक ने कहा कि गणतंत्र दिवस के मौके पर कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने फैशन की अंधी दौड़ में खुद को सर्वश्रेष्ठ दिखाने की होड़ में अपनी साड़ी के सबसे निचले हिस्से में तिरंगे को पैरों के नजदीक रखकर किए गए शर्मनाक कृत्य से प्रत्येक राष्ट्रवादी शर्मिंदगी महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को "पोशाक या वर्दी के हिस्से के रूप में" तिरंगे या इसके प्रतीक का उपयोग करने की छूट नहीं है। इसका उपयोग किसी भी व्यक्ति की कमर के नीचे पहने जाने वाले किसी परिधान के तौर पर भी नहीं किया जा सकता है। कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता के इस कृत्य पर उन्होंने विवि की विजिटर व देश राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से मांग करते हुए कहा है कि तिरंगे के सम्मान की रक्षा के लिए उक्त मामले में गंभीर कदम उठाने की मांग की है।