भोपाल: प्रदेश के वनमंडलों में ठेके वानिकी कार्य कराने के मामले में बवाल मचने पर अब नया संशोधन उच्च स्तर से जारी हो गया है जिसमें पूर्व में किये गये वानिकी कार्यों के रखरखाव एवं वनों से ग्रामों के विस्थापन के कार्य ठेके से नहीं होंगे। यही नहीं कैम्पा के तहत स्वीकृत कार्य भी ठेके से नहीं होंगे।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व वन विभाग ने आदेश जारी किया था कि वन विभाग के अंतर्गत विभागीय निर्माण एवं मरम्मत कार्य निविदा प्रक्रिया के तहत किये जाने के निर्देश पूर्व में जारी किये गये हैं। लेकिन अब निर्माण कार्यों के अलावा वृक्षारोपण में वानिकी कार्य जैसे पौधा तैयारी, गढ्ढा खुदाई, वृक्षारोपण, गैर वन क्षेत्रों में पर्यावरण वानिकी कार्यों, कैम्पा कार्य, वृक्षारोपण एवं वन्यजीव क्षेत्रों में चैंनलिंक फैंसिंग कार्य को भी निविदा के माध्यम से कराना होगा। 

इसके लिये निविदा के माध्यम से कराये जाने वाले कार्यों के भुगतान के संबंध में बजट मद का निर्माण कर पुनर्विनियोजन का प्रस्ताव तत्काल प्रेषित किये जायें। इस आदेश का वनमंडलों में काफी विरोध हुआ जिस पर अब वन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कांसोटिया ने संशोधन जारी कर दिया है। बताया जा रहा है कि वन क्षेत्रों में किये जाने वाले कार्य ठेके से कराने का विचार गुजरात से लिया गया है जहां ठेके से सभी कार्य होते हैं। ठेके से काम कराने पर डीएफओ को सौकड़ों वाउचर्स पर हस्ताक्षर नहीं करने होंगे और ठेके से काम कराने पर आधुनिक मशीनों का उपयोग हो सकेगा।