रायपुर। छत्‍तीसगढ़ सरकार अपने अधिकारियों—कर्मचारियों का वेतन काटेगी. राज्य सरकार ने इसको लेकर निर्देश जारी कर दिया है। दरअसल राज्य के सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. सरकारी कर्मचारी कई दिन से हड़ताल पर बैठे हैं। राज्य सरकार ने वेतन काटने के साथ ही हड़तालियों पर कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए हैं. इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी निर्देश में सभी कलेक्टरों व विभागाध्यक्षों को हड़ताल, धरना और सामूहिक अवकाश पर चल रहे राज्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है। 

गौरतलब है कि प्रदेश के करीब पांच लाख कर्मचारी केंद्र सरकार के समान 34 फीसदी महंगाई भत्ता, गृहभाड़ा भत्ता व सातवां वेतनमान दिए जाने की मांग कर रह हैं। राज्य के अधिकारी—कर्मचारी कई दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारी-अधिकारी  संगठनों ने राज्य सरकार के हड़ताल की अवधि का वेतन काटने के आदेश को अनुचित बताया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि आंदोलन के दौरान कर्मचारियों से संवाद करने की बजाय राज्य सरकार वेतन काटने का आदेश जारी कर रही है। यह कर्मचारियों-अधिकारियों से वार्ता के मार्ग को बाधित करने जैसा है। इससे कर्मचारियों—अधिकारियों में आक्रोश और बढ़ेगा।

महंगाई भत्ता और गृह भाड़ा बढ़ाने की मांग को लेकर छत्‍तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारी की हड़ताल पांच दिन की थी लेकिन शनिवार और रविवार के कारण नौ दिन की हो गई है। इससे सरकार के कामकाम के साथ ही खजाने पर भी विपरीत असर पड़ा है। कर्मचारी नेताओं के अनुसार हड़ताल के कारण राज्य में करीब 12 सौ करोड़ से अधिक का राजस्व प्रभावित हुआ है। जिलों से लेकर मंत्रालय तक करीब 30 हजार से ज्यादा फाइलें जाम हो गई हैं।