मध्यप्रदेश के बाल सुधारगृह में चिकन या अंडा नहीं परोसा जाएगा। रविवार को प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने साफ किया कि MP में  अंडे का फंडा नहीं चलेगा और बाल सुधारगृह में चिकन या अंडा परोसे जाने का कोई प्रस्ताव  सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। 

गृहमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में अंडे का फंडा किसी भी कीमत पर नहीं चलने देंगे। इस तरह की ख़बरों को उन्होंने भ्रम की स्थिति करार दिया और कहा कि  प्रदेश सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और न ही लागू किया जाएगा। 

इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट  में कहा गया था कि  महिला एवं बाल विकास विभाग ने किशोरों के लिए पोषण आहार के नए मानक तय किये हैं। इसके मुताबिक़ मप्र में डेढ़ सौ से ज्यादा बालगृहों, आश्रय और संप्रेषण गृह में रहने वाले किशोरों को अब सप्ताह में एक बार चिकन और चार दिन अंडा परोसा जाएगा। जो शाकाहारी हैं, उन्हें गुड़-मूंगफली और 100 ग्राम पनीर दिया जाएगा।