भोपाल: वीवीआइपी टूरिस्ट को खुश करने के फेर में  सतपुड़ा नेशनल पार्क प्रबंधन टीम विवादों में है. सिने तारिका रवीना टंडन बाघ के स्वतंत्र विचरण में खलल डालते हुए फोटोग्राफी करने के मामले में गाइड और बोरी सफारी लॉज के जिप्सी ड्राइवर अली रशीद पर 1 सप्ताह के लिए प्रतिबंध लगाने अथवा मात्र ₹2000 तक का जुर्माना भरने की कार्रवाई आने के संकेत मिले हैं. जबकि पर्यावरण विदों का मानना है कि सिने तारिका टंडन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए.

सतपुड़ा नेशनल पार्क के अधिनस्थ बोरी सेंचुरी के चूरना परिक्षेत्र में घूमने आईं फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन की जंगल सफारी के दौरान बाघ के अत्यंत नजदीक जाकर फोटोग्राफी के मामले में जांच रिपोर्ट तैयार हो गई है. जांच अधिकारी एवं एसडीओ धीरेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि सोमवार या मंगलवार को रिपोर्ट सबमिट कर देंगे. जांच रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी तो नहीं मिल पाई है किंतु सूत्रों का कहना है कि फिल्म अभिनेत्री के आभामंडल के कारण नेशनल पार्क प्रबंधन उन पर कार्रवाई करने में अपने आपको अक्षम बता रहा है.

पार्क संचालक एल कृष्णमूर्ति मानते हैं कि बाघ के स्वतंत्र वितरण में खलल डालकर फोटोग्राफी करने के मामले में पर्यटक एवं फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन का कोई दोष नहीं है. पार्क के प्रशिक्षित गाइड और ड्राइवरों को यहां के नियम-कायदे पता होते हैं. यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो वहीं दोषी है. कृष्णमूर्ति का कहना है कि हमने कुछ दिनों के लिए उस जिप्सी की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है जिस पर रवीना टंडन ने बैठकर फोटोग्राफी की थी.

सूत्रों ने बताया कि बोरी सफारी लॉज के संचालक राजधानी भोपाल के थ्री स्टार होटल के मालिक है, जहां फारेस्ट के कई अफसर वहां जाकर मेहमान नवाजी करते हैं. वहीं इस मामले में वन्य प्राणी विशेषज्ञ एवं आरटीआइ कार्यकर्ता अजय दुबे ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के सदस्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में पार्क प्रबंधन व्हीआइपी पर्यटकों की विधि विरुद्ध सेवा सत्कार में लगा हुआ है, इस वजह से फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन की चूरना परिक्षेत्र में हुई यात्रा से बाघ से कथित छेड़छाड़ एनटीसीए (राष्ट्रीय बाग प्राधिकरण) स्वयं जांच कराएं. दुबे ने जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि यह रिपोर्ट वीवीआइपी सेलिब्रिटी के दबाव में बनाया गया है.

केंद्रीय मंत्री के खिलाफ नहीं बन पाई रिपोर्ट-

फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन के पहले केंद्रीय केमिकल मंत्री भगवंत खूबा के मामले में अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं बन पाई है. एनटीसीए के निर्देश पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) शुभ रंजन सेन सतपुड़ा  नेशनल पार्क के क्षेत्र संचालक एल कृष्णमूर्ति को जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है.

विचारणीय तथ्य है कि कृष्णमूर्ति अपने ही पार्क में हुए वन्य प्राणी नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट कैसे बना सकते हैं? वह भी तब, जब नियमों का उल्लंघन करने वाला कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि केंद्रीय केमिकल मंत्री भगवंत खूबा हो. इस प्रकरण में वन्य प्राणी विशेषज्ञ अजय दुबे की मांग है कि क्षेत्र संचालक एल कृष्णमूर्ति को हटाकर जांच कराई जाए.

बघीरा एप लागू करे प्रबंधन-

दुबे ने अपनी शिकायत में कहा कि भारत सरकार के राजपत्र में एनटीसीए गाइडलाइंस के मुताबिक पर्यटकों के वाहनों में जीपीएस नेविगेशन सिस्टम लगाने का प्रविधान किया गया है, लेकिन एनटीसीए के कई निर्देशों के बावजूद गड़बड़ियों को अंजाम देने हेतु सतपुड़ा टाइगर रिजर्व ने इस सिस्टम को नही लागू किया. पिछले सप्ताह सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के दूसरे क्षेत्र में भी एक बाघ पर्यटकों के वाहन के पीछे दौड़ा था.

दुबे ने शिकायत में कहा है कि इससे पहले उन्होंने केंद्रीय रसायन मंत्री भगवंत खूबा की एसटीआर के कोर एरिया में हुई यात्रा में व्हीआइपी ट्रीटमेंट की शिकायत का हवाला भी दिया था, इसके वीडियो में खूबा स्वयं गाड़ी चलाते हुए नजर आ रहे हैं. एनटीसीए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में एनटीसीए पर्यटन गाइड लाइन और वाइल्ड लाइफ एक्ट उल्लंघन के मामले को गंभीरता से लेकर मैदान में जाकर जांच करें, साथ ही जीपीएस सिस्टम बघीरा एप लागू किया जाए.