दस दिनों के उत्सव के बाद गणपति बप्पा हम सभी के घरों से विदा लेकर अपने धाम को चले गए। गणपति विसर्जन के साथ ही गणेशोत्सव की भी समाप्ति हो गई। लोगों ने नम आखों से विघ्नकर्ता भगवान श्री गणेश को विदाई दी। राजधानी भोपाल में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी विध्नहर्ता गणेश जी को विदा किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अपने परिवार के साथ गणेश जी का विसर्जन करने पहुंचे।
प्रदेश में गणपति बप्पा की विदाई से साथ अनंत चतुर्दशी धूमधाम से मनाई गई। राजधानी भोपाल में परंपरागत चल समारोह निकाला गया जो देर रात तक चलता रहा। गणपति विसर्जन के लिए नगर निगम की ओर से शहर में कई स्टॉल लगाए थे, जहां हजारों की संख्या में लोगों ने विसर्जन के लिए गणेश जी की मूर्तियां सौंपी।
सिद्धिविनायक दस दिन घर पर रहे और आज उन्हें विदाई दी, तो मन थोड़ा भारी है।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) September 9, 2022
यदि मन में श्रद्धा और भक्ति भाव हो, तो वो मन में ही रहते हैं। विघ्नहर्ता से यही प्रार्थना कि सद्बुद्धि दें, हमारे मानव जीवन को सार्थक बनाएं। pic.twitter.com/UhOYOTMtRY
गणेश विसर्जन देर रात तक जारी रहा। घाटों पर करीब 12 हजार प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। सभी घाटों पर पुलिस, जिला प्रशासन और नगर निगम का अमला क्रेन के साथ मौजूद था, ताकि शांति पूर्वक विसर्जन की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सके।
गणपति विसर्जन के लिए भोपाल में 6 घाटों खटलापुरा, प्रेमपुरा, संत हिरदाराम नगर, बैरागढ़, हथाईखेड़ा डेम, शाहपुरा घाट पर पर कुंड तैयार किए गए थे। अवला इसके यहां पर 15 से ज्यादा अस्थायी विसर्जन कुंड भी बनाए गए थे।
भगवान की कृपा से एक बार फिर गणेश उत्सव में वही उत्साह, उलास और श्रद्धा एवं भक्ति का भाव है। भावनाओं का प्रकटीकरण है।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) September 9, 2022
सबका मंगल और कल्याण हो, प्रदेश और देश निरंतर प्रगतिपथ पर आगे बढ़ता रहे, यही प्रभु के चरणों में प्रार्थना की। pic.twitter.com/NMX5t7X2CR
घाटों के आसपास पूरी तरह से बैरिकेटिंग भी की गी थी, ताकि भीड़ को कंट्रोल किया जा सके। वहीं घाटों पर पूजन सामग्री के विसर्जन के लिए भी अलग से दो कुंड तैयार किए गए, जिनमें एक गीली और दूसरा सूखी पूजन सामग्री के लिए था। प्रेमपुरा घाट के पास कंट्रोल रूम तैयार किया गया था। घाटों पर बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन क्रेन से किया गया।