मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया द्वारा शिवपुरी SP के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लिखा पत्र सुर्ख़ियों में आ गया है। मंत्री सिसोदिया ने इस पत्र की प्रतिलिपि सिर्फ दो लोगों को दी है। जिसमे पहला नाम केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निजी सचिव का है और दूसरा नाम अपर मुख्य सचिव गृह, मंत्रालय भोपाल का है। इसके बाद भाजपा की गुटबाज़ी खुलकर सामने आ गई है।
पत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का उल्लेख नहीं किया गया है जबकि आईपीएस अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री के अुनमोदन से होते हैं। लेकिन मंत्री सिसोदिया ने इस मामले में न तो मुख्यमंत्री को प्रतिलिपि भेजी है और न प्रदेश के गृह मंत्री को।
यहाँ तक कि सिसोदिया ने प्रदेश के मुख्य सचिव ईकबाल सिंह बैंस को भी सूचना देना तक उचित नहीं समझा। वे मुख्य सचिव से भी नाराज बताए जा रहे हैं। पूरा मामला मंत्री सिसोदिया के प्रभार वाले जिले शिवपुरी में पुलिसकर्मियों के तबादलों से जुड़ा है।
दरअसल शिवपुरी जिले के एसपी राजेश सिंह चंदेल ने जिले में कुछ पुलिसकर्मियों के तबादले किए हैं। इन तबादलों को लेकर मंत्री सिसोदिया ने शिवपुरी जिले के कलेक्टर को एक पात्र लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि पुलिस अधीक्षक शिवपुरी ने बिना मेरे अनुमोदन के थाना प्रभारियों के तबादले कर दिए हैं। यह उनकी मनमर्जी को उजागर करने वाला काम है। मंत्री सिसोदिया ने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई कर मेरे कार्यालय को सूचित करें।