मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के एडिशनल कलेक्टर को हटाने के निर्देश आज सुबह कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिये बुलाई आपात बैठक में दिये। वे भोपाल में अड़ीबाजी, बैतूल में चोरियां, गुना में मनचलों का आतंक व इंदौर में अभिनेत्री वैशाली आत्महत्या मामले के बाद नाराज बताए जा रहे हैं। बैठक में इन जिलों के सभी अफसर वर्चुअली मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले इंदौर के एडीएम पवन जैन की जनसुनवाई में पहुंचे दिव्यांग के साथ उनके द्वारा किए गए व्यवहार और पूरे मामले की समीक्षा के उन्हें हटाने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में आए दिव्यांग के साथ संवेदनहीन व्यवहार करने के मामले में इंदौर के एडीएम पवन जैन को तत्काल हटाया जाए। उन्हें भोपाल में पदस्थ किया जाए। सीएम ने कहा कि सभी पुलिस अफसर सतर्कता से ड्यूटी करें, जनता से संवाद बनाए और अपराधियों पर कड़ी लगाम लगाए।
यह है मामला
दरअसल मंगलवार को जनसुनवाई में सहयोग मांगने पहुंचे दिव्यांग को वरिष्ठ अधिकारी व अपर कलेक्टर का कोपभाजन बनना पड़ा। यहां तक कि वहां मौजूद सिपाहियों ने भी दिव्यांग को थप्पड़ जड़ दिए और अधिकारी ने अभद्र व्यवहार किया। पवन जैन डेढ़ साल पहले ही आईएएस बने हैं, बताया जाता है कि इसके पहले आदिवासी जमीन घोटाले में बैतूल में सस्पेंड हो चुके हैं। खबरों के मुताबिक दिव्यांग मकान अपने नाम कराने लंबे समय से जनसुनवाई में आ रहे थे। उन्होंने ऐडीम के टेबल पर मोबाइल फोन व फाइल ऐसे पटकी कि फोन का कवर जैन को लगा।