मप्र सरकारने भव्य महाकाल कॉरिडोर'महाकाल लोक' का लोकार्पण करके राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चर्चा तो कराली है लेकिन राजनीतिक गलियारों में भी कई तरह की चर्चा अभी जारी हैं। इसकी वजह मप्र में पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बैक टू बैक' दौरे हैं। चार दिन बाद शाह फिर भोपाल आ रहे हैं, हालांकि औपचारिक तौर पर वे एमबीबीएस के हिंदी पाठ्यक्रम के लोकार्पण में शामिल होंगे लेकिन उनकी नजर संगठन और सरकार के तालमेल समेत अन्य विषयों पर भी रहेगी।

इसे लेकर मप्र सरकार और भाजपा संगठन के तार दुरूस्त किये जा रहे हैं। हालांकि मोदी ने कल फिर मप्र सरकार व सीएम शिवराज की तारीफ की है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि एक साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा हाइकमान पूरी तरह आश्वस्त होना चाहता है,इसके लिये वह सभी तरह के प्रयोग और उपयोग के लिये तत्पर है। हाल के नगरीय निकाय चुनाव समेत पंचायत चुनाव के नतीजों से लेकर आने वाले वक्त में सामने आ सकने वाले मुद्दों पर भोपाल से दिल्ली तक मंथन जारी है।

गौरतलब है कि उप्र में विधानसभा चुनाव के पहले मोदी और शाह ने वहां भी अपनी सक्रियता बहुत बढा दी थी, दोनों नेताओं के दौरे और पड़ाव काफी चर्चा में रहे थे। 

खाद उवर्रक की कमी को लेकर अफसरों को किया तलब 

मुख्यमंत्री शिवराज ने आज सुबह मप्र के कई जिलों में खाद बीज की किल्लत की जानकारी मिलने पर अफसरों से जवाब मांगा। उन्होंने मुख्य सचिव व अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि को बुलाकर कहा है कि उन्हें किसानों से इस तरह की समस्या सुनने को नहीं मिलना चाहिये, इसके लिये हर स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि मार्कफेड के पॉइंट बनाएं जाएं, वे खाद बीज और इस तरह के मामले में कोई प्रेजेंटेशन नहीं देखना चाहते हैं,बल्कि मजबूत व्यवस्था चाहते हैं।