रिद्धि सिद्धि के दाता भगवान गणेश की स्थापना का सिलसिला देर रात तक चला। इसी के साथ शहर में दस दिन गणेशोत्सव की धूम भी शुरू हो गई है। हालांकि कल दोपहर में शहर में कई स्थानों पर तेज। बौछारों से झांकियों तक गणेश के पहुंचने में थोड़ा विलंब हुआ लेकिन भक्तों ने माना कि इंद्र ने भी जैसे गजानन का अभिषेक किया। दिन भर डीजे की धुन पर लंबोदर महाराज की मोहक प्रतिमाओं की अगवानी पर श्रद्धालु थिरकते नजर आए। राजधानी में करीब दो सौ स्थानों पर आकर्षक पंडालों में गणेश विराजमान हुए हैं। इनमें भी भोपाल के पुराने हिस्से पीपल चौक में भोपाल के राजा की शान देखते ही बनती है। गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ ही शहर में चहल-पहल बढ़ गई है। जगह-जगह भक्ति गीत गूंजने लगे हैं। रात तक विशाल मूर्तियों को ट्रैक्टर ट्राली, ट्रक से स्थापना स्थल तक पहुंचाया गया। उधर विभिन्न स्थानों पर बने गणेश मंदिरों में विशेष अनुष्ठान भी शुरू हो गए हैं। कैंची खेला स्थित बढ़ेगणेश मंदिर में विशेष साज सज्जा की गई है।
78 साल से पीपल चौक में झांकी
आजादी से पहले पहली बार वर्ष 1945 में पुराने शहर के पीपल चौक में सार्वजनिक रूप से मूर्ति स्थापना कर गणेशोत्सव की शुरूआत की गई थी। वर्तमान में श्री डोल ग्यारस चल समारोह समिति द्वारा परंपरा को जारी रखा जा रहा है। यहां स्थापित भगवान गणेश को भोपाल के राजा के नाम से जाने जाते हैं। यहां भगवान गणेश रिद्धि सिद्धि के साथ विराजमान हैं। इसके अलावा जनकपुरी जुमेराती, मंगलवारा, रायल मार्केट स्थित जीपीओ, चाँदबढ़, भानपुर, कोहेफिजा, बैरागढ़, 7 नंबर स्टॉप, 6 नंबर स्टॉप, 10 नंबर स्टाप, न्यू मार्केट, माता मंदिर आकर्षक पंडालों में विघ्न विनाशक अपने मोहक स्वरूपों में दर्शन दे रहे हैं।
भोपाल में भी लालबाग का राजा
मुंबई की ही तरह न्यू मार्केट में लालबाग के राजा की प्रतिमा स्थापित की गई है। घरों के अलावा कालोनियों की समितियों ने भी शिवपुत्र गणेश की मूर्तियां स्थापित की हैं। यहां 10 दिन तक अनुष्ठानों के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। गणेशोत्सव पर्व पर राजधानी में श्रद्धालुओं ने पचास क्विंटल से अधिक लड्डुओं का भोग लगाया। ज्ञात हो मुंबई में लालबाग के राजा की खास झांकी देशभर के लिये आकर्षण का केंद्र रही है।
भगवान गणेश को पुरानी पेंशन देने का ज्ञापन
इधर मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे ने गणेश चतुर्थी स्थापना दिवस के अवसर पर भगवान गणेश को प्रदेश के 5 लाख कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का अनुरोध करते हुए ज्ञापन अर्पित किया और राज्य सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू करें तथा न्यू पेंशन योजना वापस लेकर कर्मचारियों को संविधान में दिए गए अधिकार को देने का काम करें इस अवसर पर सीपी शर्मा सुनील पाठक आईबी सिंह उपस्थित थे। पांडे ने बताया है कि राज्य सरकार ने 05 से पुरानी पेंशन योजना बंद करके न्यू पेंशन योजना लागू कर दी है जिसके दायरे में अब तक 5 लाख कर्मचारी आ चुके हैं न्यू पेंशन योजना लागू कर के सरकार ने इन कर्मचारियों का भविष्य निजी हाथों में सौंप दिया है कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने के बाद न्यू पेंशन योजना के माध्यम से हजार या 15 सो रुपए ही पेंशन दी जा रही है जिससे कर्मचारी ना तो अपने परिवार का पालन कर पा रहा है और ना ही आपने दवा का खर्चा उठा पा रहा है