मप्र में जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव निपट जाने के बाद भी सियासी आंच अभी तेज है। कांग्रेस ने भारी गड़बड़ी का आरोप पहले ही लगा दिया है अब कांग्रेस इस मामले में हाईकोर्ट का रुख करने पर विचार कर रही है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस और दिग्विजय सिंह को सुबह से निशाने पर ले रखा है। कांग्रेस भोपाल जिला पंचायत का चुनाव निरस्त कराने के लिये जोर लगाने के मूड में है। इसके लिए विधि विशेषज्ञों से बातचीत शुरू कर दी गई है, वहीं पार्टी अध्यक्ष कमलनाथ के विदेश से लौटने की प्रतीक्षा की जा रही है।

कांग्रेस ने भोपाल जिला पंचायत चुनाव के लिये कल सामने आये तमाम घटनाक्रम के वीडियो फुटेज,चित्र आदि निर्वाचन आयोग को भी सौंपे हैं और इन्हें आधार बनाकर कानूनी कार्रवाई का मंसूबा बनाया है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कांग्रेस उम्मीदवार रश्मि भार्गव के बजाए कांग्रेस से किनारा करने वाली रामकुंवर भाजपा के समर्थन से जिला अध्यक्ष बन गई हैं। भार्गव के पति व कांग्रेस नेता अवनीश भार्गव का कहना है कि हमसे दूर जाने वाले तीनों सदस्यों का अब तक हम पता नहीं लगा पा रहे हैं, इन्हें भाजपा ने अपने पास रखा है। हमारी कोशिश है कि इनसे बात करके तमाम हालातों का पता लगायें।

वहीं टेंडर वोट डलवाने पर भी कांग्रेस आग बबूला है,भार्गव का कहना है कि इसमें अफसरों की निगरानी में गड़बड़ी कराई गई है। हम हाईकोर्ट जाएंगे। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने भी चुनाव निरस्त करने की मांग की है। जानकारों का कहना है कि वे आज विवेक तन्खा से भी कानूनी कार्रवाई के पहलू पर बात करेंगे। उल्लेखनीय है कि भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों की संख्या बहुमत से दूर होने के बाद भी कांग्रेस समर्थित सदस्यों के समर्थन से बाजी पलटी है।

दिग्विजय ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से मिलकर चुनाव निरस्त करने के लिए ज्ञापन भी सौंपा है। कमिश्नर के यहां पिटीशन दायर करने की भी तैयारी की गई है। इधर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि भोपाल में सुरेश पचौरी समर्थक कांग्रेस उम्मीदवार के हारने की वजह कांग्रेस को ही ढूंढनी होगी। वहीं पुलिसकर्मी से कथित बदसलूकी पर दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर खेद भी जताया।