भोपाल: राज्य के प्रमुख अभियंता जल संसाधन ने टेण्डर स्वीकृत होने के बाद काम न करने वाले एक ठेकेदार का पंजीयन एक साल के लिये निरस्त किया परन्तु दो माह में ही उसका पंजीयन मानवीय आधार पर बहाल कर दिया।

गत 15 जून 2022 को द्वारा मेसर्स दिनेश नागर ठेकेदार ग्राम धामनंदा तहसील, सारंगपुर जिला राजगढ़ (ब्यावरा) का पंजीयन उसके द्वारा निविदा में 24.51 के स्थान पर 34.51 प्रतिशत के रेट दर्ज करने कारण तथा कम रेट पर काम करने में असहमति व्यक्त करने के कारण एक वर्ष तक की अवधि के लिये निलम्बित एवं निविदा प्रतिस्पर्धा में भाग लेने से भी प्रतिबन्धित किया गया था।

इस पर ठेकेदार ने 30 जून 2022 पंजीयन बहाल करने का अनुरोध किया। प्रमुख अभियन्ता जल संसाधन ने अपीलीय अधिकारी के रुप में सुनवाई की। सुनवाई में ठेकेदार ने अपना पक्ष रखा कि निविदा में त्रुटिवश 24.51 प्रतिशत के स्थान पर 34.51 प्रतिशत दर्ज किया गया। इतने कम रेट पर कार्य नहीं कर सका। वह एक छोटा ठेकेदर है तथा जीविका का अन्य कोई साधन नहीं है, इसलिये इस गलती को क्षमा करें। साथ ही दण्ड स्वरुप निविदा के समय जमा की गई एफडीआर राजसात कर उसका पंजीयन बहाल कर दें।

इस पर प्रमुख अभियंता मदन सिंह डाबर ने मानवीय आधार पर आदेश जारी कर कहा कि ठेकेदार द्वारा पंजीयन के समय जमा की गई एफडीआर की राशि को राजसात करते हुए, ठेकेदार के निलम्बित किये गये पंजीयन को बहाल किया जाये है। ठेकेदार को आमंत्रित की जाने वाली निविदाओं की प्रतिस्पर्धा में भाग लेने की अनुमति प्रदान की जाये।