केरल के कासरगोड में श्री अनंतपुरा झील मंदिर की रखवाली करने वाले दिव्य मगरमच्छ बबिया नहीं रहे। वैसे अगर देखा जाए तो मगरमच्छ हमेशा से ही मांसाहारी होते हैं। यानी कि जिस जगह पर मगरमच्छ रहते हैं, लोगों को वहां जाने से ही डर लगता है।
लेकिन एक ऐसा मगरमच्छ भी था, जो न केवल शाकाहारी था, बल्कि लोगों को उससे दर भी नहीं लगता था. जी हां शाकाहारी बबिया जो श्री अनंतपद्मनाभ स्वामी मंदिर में पिछले पिछले 70 वर्षों से रह रहे थे, वो भी केवल मंदिर में मिलने वाला प्रसादम खाकर। बाबिया मंदिर की झील में ही रह रहे थे। भगवान विष्णु का ये मंदिर चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ है, जिसमें मगरमच्छ भी पाए जाते हैं।
बबिया पिछले दिनों वायरल हो गई थी और उसने जल संसाधनों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। कहा जा रहा है, कि ये मगरमच्छ भगवान को चढ़ाए वाले प्रसादम या बचे हुए खाने को खाकर ही जीवित रहा जिसमें पके हुए चावल और गुड़ शामिल हैं।
बाबिया के दुखद निधन से ट्विटर पर "दोस्ताना" और शाकाहारी मगरमच्छ के लिए प्रार्थना और संवेदना संदेश साझा किए जाने का दौर जारी है।