छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य से एक वीडियो वायरल है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है, कि जंगल में लगे पेड़ों को काटा जा रहा है। बताया जा रहा है, कि हसदेव अरण्य में अडानी के MDO वाले कोयला खदान PEKB-2 के लिए इन पेड़ों की कटाई की जा रही है। राहुल गांधी ने इन जंगल बचाने का वादा किया था। वहीं तीन दिन पहले मंत्री टीएस सिंहदेव ने CM के हवाले से नए खदानों पर रोक लगाए जाने की बात कही थी।
बताया जा रहा है, कि छत्तीसगढ़ की मौजूदा सरकार ने छह अप्रैल 2022 को एक प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके तहत हसदेव क्षेत्र में स्थित परसा कोल ब्लाक परसा ईस्ट और केते बासन कोल ब्लाक का विस्तार होगा। इस विस्तार का सीधा अर्थ है जंगलों की कटाई। इस आशंका से एक बार फिर इलाके में विरोध किया जा रहा है।
बावजूद इसके जंगलों की कटाई पर रोक नहीं लगाई जा सकी है। इसी के चलते छत्तीसगढ़ का हसदेव अरण्य पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इन सबके बीच सच्चाई यही है कि हसदेव में जंगलों की कटाई जारी है।
गौरतलब है, कि छत्तीसगढ़ में 58000 मिलियन टन कोयले का भंडार है। ये पूरे देश में मौजूद कोयला भंडार का करीब 21 फीसदी हैं। अकेले हसदेव अरण्य में छत्तीसगढ़ के कोयला भंडार का 10 फीसद हिस्सा माना जाता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अगले 100 वर्षों के लिए कोयला छत्तीसगढ़ में उपलब्ध है।