जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में तैनात सीआरपीएफ के जवान जलसिंह सखवार की मौत अब हत्या, आत्महत्या और शहादत के बीच उलझ गई है। मीडिया रिपोर्टस में जहां मुरैना के जलसिंह को आतंकी हमले में शहीद होना बताया गया वहीं सीआरपीएफ ने जलसिंह को मौत को आत्महत्या बताया है। वहीं जलसिंह के परिजन हत्या का संदेह जता रहे हैं। 

मीडिया रिपोर्ट में यह कहा गया था कि मुरैना जिले के अंबाह निवासी जलसिंह आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। यहां तक कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जलसिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए जो ट्वीट किया था उसमें भी यह लिखा था कि आतंकी हमले में जलसिंह के निधन का समाचार दुखदायी है।

 

जलसिंह के परिजनों का कहना है कि शुक्रवार को कश्मीर सीआरपीएफ कंट्रोल रूम से जो फोन आया था उसमें यह बताया गया कि डयूटी के दौरान जलसिंह को गोली लगने से वो गंभीर है। इसके बाद जो दूसरा कॉल आया उसमे यह बताया गया कि जलसिंह का निधन हो गया है। 

वहीं जब रविवार को जलसिंह का शव अंबाह पहुंचा तो शव के साथ जो सीआरपीएफ के जवान आए उन्होंने परिजनों को बताया कि जलसिंह ने आत्महत्या की है। साथ ही यह भी बताया गया कि आत्महत्या करने के कारण जल सिंह के परिवार को शहीद के परिजनों को मिलने वाले लाभ नहीं मिल पाएंगे। 

जलसिंह के परिजनों ने आत्महत्या किये जाने की बात को पूरी तरह नकार दिया हैं। जलसिंह की पत्नी का कहना है कि घटना से पहले उनकी जलसिंह से लंबी बात हुई थी और वे किसी तरह के तनाव में नहीं थे। पत्नी का यह भी कहना है कि एक महीने की लंबे अवकाश के बाद अक्टूबर में ही जलसिंह ने दोबारा ज्वानिंग की थी ऐसे में तनाव की बात बेमानी है। 


 
जलसिंह की पत्नी ने एक और गंभीर सवाल उठाया है। उनका कहना है सीआरपीएफ के अधिकारी ने उन्हें बताया था जलसिंह के सिर में दो गोलियों के निशान मिले थे। यह कैसे संभव है कि कोई अपने सिर में दो गोलियां मार ले। वहीं अम्बाह के तहसीलदार का कहना है कि SP ऑफिस को भी जो पोस्ट मार्टम रिपोर्ट मिली है उसमें मौत का कारण आत्महत्या ही बताया गया है.   

कुल मिलाकर जलसिंह की मौत को लेकर कई सवाल हैं जिनका जवाब नहीं मिलता दिख रहा है। परिजनों की मांग है कि मौत का सही कारण सामने आना चाहिए और उन्हें शहीदों के परिजनों को मिलने वाले लाभ भी मिलना चाहिए। परिजनों ने जांच के लिए मुरैना एसपी और सीआरपीएफ को पत्र भी लिखा है।