एसएस राजामौली की फिल्म RRR के गाने 'नाटू नाटू' को गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड हासिल हुआ है। अमेरिका में गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में 'नाटू-नाटू' ने बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग अवॉर्ड जीता है। सम्मान मिलने की खुशी के बावजूद अब इस पर राजनीति शुरु हो गई है। पुरुस्कार मिलने के बाद से ही सोशल मीडिया पर ये बहस छिड़ गई है सम्मान भारत की फिल्म को मिला है या आंध्र प्रदेश की फिल्म को?

दरअसल आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने एक ट्वीट किया कि RRR ने आंध्रप्रदेश का झंडा ऊंचा कर दिया। जिसके बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है। 

वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने लिखा है, तेलुगु झंडा ऊंचा उड़ रहा है! पूरे आंध्र प्रदेश की ओर से, मैं एमएम कीरवाणी, एसएस राजमौली, राम चरण और जूनियर एनटीआर और आरआरआर मूवीज की पूरी टीम को बधाई देता हूं। हमें आप पर अविश्वसनीय रूप से गर्व है।

इस पर सिंगर अदनान सामी ने कमेंट किया है, तेलुगु झंडा? आपका मतलब भारतीय ध्वज सही है? हम पहले भारतीय हैं और इसलिए कृपया खुद को देश के बाकी हिस्सों से अलग करना बंद करें... खासकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, हम एक देश हैं! यह 'अलगाववादी' रवैया बेहद अस्वास्थ्यकर है जैसा कि हमने 1947 में देखा था!!! धन्यवाद... जय हिंद!

फ़िल्म को लेकर अब ये सवाल भी पूछा जाने लगा है, कि क्या दर्शकों ने फ़िल्म देखते समय ये सोचा था कि ये भारत की फ़िल्म है या आंध्रप्रदेश की, तो जिन लोगों ने फ़िल्म का हिंदी वर्जन देखा उनका इस बात को लेकर क्या रिएक्शन होना चाहिए। 

अगर इस फिल्म को तेलेगु फ़िल्म कहा जा रहा है, तो क्या आगे आने वाले समय में क्या साउथ की फ़िल्में केवल साउथ तक ही सिमट कर रह जाएंगी। इस विवाद के चलते इस तरह के कई सारे सवाल उठ खड़े हुए हैं।

फिल्म के निर्देशक राजा मौली खुद भी ये कहते नज़र आ रहे हैं, कि ये एक तेलेगु फिल्म है न कि एक बॉलीलुड फ़िल्म। फिल्म चाहे साउथ की हो या बंगाल की या फिर केरल या फिर कर्नाटक की सबसे पहले एक भारतीय फिल्म है। फिल्म को सम्मान दिया जाना केवल दक्षिण के लिए ही नहीं पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। इसलिए इसे भारत का सम्मान माना जाना चाहिए।