Maratha Reservation Protest: इन दिनों महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा काफ़ी गरमा हुआ हैं. राज्य में मराठा आरक्षण आंदोलन हिंसक रूप ले चुका है. अब इसकी चपेट में सियासी दलों के नेता भी आते जा रहे है. मराठा समाज को पूर्ण आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.
इस बीच एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, अजित पवार गुट के एनसीपी मंत्री हसन मुश्रीफ के काफिले की कार पर हमले की घटना से महाराष्ट्र सरकार में हड़कंप मच गया है. गौरतलब है कि आज मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई हैं.
हालांकि, ऐसी भी खबरें हैं कि बैठक में चर्चा के लिए उद्धव ठाकरे की शिवसेना को आमंत्रित नहीं किया गया है, जिससे संजय राउत और उद्धव ठाकरे गुट भी नाराज हैं. वहीं, इस बैठक में कई अधिकारियों को भी बुलाया गया है.
मनोज जरांगे ने दी सरकार को धमकी-
मराठा आरक्षण के लिए जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में पच्चीस अक्टूबर से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा कि मराठा समुदाय ‘‘अधूरा आरक्षण’’ स्वीकार नहीं करेगा और महाराष्ट्र सरकार को इस मुद्दे पर राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए.
उन्होंने धमकी दी है कि अगर मराठा समुदाय को ‘‘पूर्ण’’ आरक्षण नहीं दिया गया तो वे बुधवार शाम से पानी पीना बंद कर देंगे. साथ ही सरकार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मराठा युवाओं को ‘‘परेशान’’ नहीं करना चाहिए अन्यथा कड़ा जवाब दिया जाएगा.
कुल 25 लोगों ने की आत्महत्या-
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 19 से 31 अक्टूबर तक यानी 13 दिनों में अब तक 25 लोग सुसाइड कर चुके हैं. कल ही मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अलग-अलग जगहों पर 9 लोगों ने अपनी जान दे दी. जिससे राज्य सरकार की चिंता बढ़ी हुई हैं. फ़िलहाल, मराठा आरक्षण की मांग को लेकर कई जगहों पर प्रदर्शन जारी है. इस बीच सरकार की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक पर सबकी नज़र हैं.