भोपाल: प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के दूसरे ड्रीम प्रोजेक्ट पर वन विभाग ने एक्सर साइज शुरू कर दी है। शुक्ला का मुकुंदपुरा में व्हाइट टाइगर सफारी के बाद गोविन्द गढ़ में टाइगर ब्रीडिंग सेंटर बनाने का ड्रीम प्रोजेक्ट है। अफसरों ने जगह भी तय कर ली है। ले आउट पर काम शुरू हो गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने प्रजनन केन्द्र के भूमि का चयन और निरीक्षण की कार्रवाई पूरी कर ली है। अब इस जगह पर ब्रीडिंग सेंटर के निर्माण का ले-आउट के रफ वर्क पर काम चल रहा वन विभाग है। ले-आउट के फाइनल होते ही उसे स्वीकृति के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी के पास भेजा जाएगा।
इसके बाद ही ब्रीडिंग सेंटर पर होने वाले व्यय का पता चलेगा। ब्रीडिंग सेंटर खुलने के बाद सेंट्रल जू अथॉरिटी से और भी सफेद बाघों के मिलने की उम्मीद रहेगी। जिनसे नस्ल तैयार कर जंगल में छोड़ा जा सकेगा। विंध्य के जंगलों में सफेद शेरों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
देश में कहीं नहीं है ब्रीडिंग सेंटर-
देश में अब तक कहीं भी अलग से ब्रीडिंग सेंटर नहीं बना है। यदि प्रोजेक्ट पूरा हुआ तो यह देश का पहला सेंटर होगा जो चिड़ियाघर से अलग बनेगा। इतना ही नहीं गोविंदगढ़ में बनने जा रहा ब्रीडिंग सेंटर व्हाइट टाइगर के लिए होगा। व्हाइट टाइगर की ही नस्ल यहां तैयार की जाएगी।
जंगल में ही छोड़े जाएंगे-
ब्रीडिंग के बाद जो भी नस्ल तैयार होगी, उसे जंगली ही बनाया जाएगा। इस ब्रीडिंग सेंटर से चिड़ियाघर में कोई भी वन्यजीव नहीं जाएगा। इस ब्रीडिंग सेंटर का उद्देश्य सिर्फ व्हाइट टाइगर की संख्या बढ़ाना है। यहां से ब्रीडिंग में तैयार बाघों को सीधे जंगल में छोड़ दिया जाएगा। यहां व्हाइट और सफेद बाघों के बीच भी प्रयोग होंगे।