एमपी के देवास में चर्चित हनी ट्रैप कांड मामले की आरोपी ज़ोया उर्फ मोनिशा डेविड को एमपी पुलिस ने राजस्थान के भीलवाड़ा से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला को देवास लाया गया है, जहां उसे कोर्ट में पेश किया जायेगा।
देवास में लगभग दो महीने पहले शहर में निजी अस्पताल का संचालन करने वाले एक डॉक्टर को रॉन्ग नंबर से इस महिला का फोन। कॉल करने वाली अनजान युवती ने डॉक्टर से हाय-हैलो किया। इसके बाद युवती आए दिन डॉक्टर को फोन करने लगी और धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती हो गई। इसके बाद युवती और डॉक्टर के बीच वीडियो कॉल और चैटिंग भी होने लगी।
#Dewas : हनी ट्रैप की आरोपी महिला गिरफ्तार, राजस्थान के भीलवाड़ा से गिरफ्तार महिला#MadhyaPradesh
— Zee MP-Chhattisgarh (@ZeeMPCG) September 2, 2022
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इस दौरान युवती ने डॉक्टर के कुछ फोटो और वीडियो बना लिए। इन्हीं फोटो के दम पर युवती ने ब्लैकमेलिंग का ये गंदा खेल खेलना शुरू कर दिया। इसके बाद महिला ने डॉक्टेर को हनीट्रैप का शिकार बनाते हुए उससे 9 लाख रुपये की ठगी की।
डॉक्टर से रुपए ऐंठने के बाद से ही ये महिला फरार चल रही थी, लेकिन राजस्थान के भीलवाड़ा में एमपी पुलिस ने इसे आखिरकार पकड़ ही लिया। इस गिरफ़्तारी के बाद इस मामले में कई रहस्यों से पर्दा उठ सकता है।
मध्य प्रदेश के देवास के इस हाईप्रोफाइल हनीट्रैप मामले में देवास के प्राइम हॉस्पिटल के डॉक्टर पवन चिल्लोरिया ने महिला और दो डॉक्टरों संतोष दाभाड़े और महेंद्र गलोदिया के खिलाफ भी FIR करवाई थी। जांच के बाद सिटी कोतवाली में आरोपी महिला और दोनों डॉक्टरों के खिलाफ धारा 384,120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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