MP Politics: नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) ने बीते दिन कई राज्यों में अलग-अलग जगहों पर छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया. कई राज्यों में पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया यानी PFI के ठिकानों पर रेट डाली गई. दरअसल, NIA ने बीते दिन 6 राज्यों के अलग-अलग शहरों में कई जगहों पर रेड डाली.
जिसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्य शामिल हैं. हालांकि, यह कोई पहली बार नहीं हैं जब NIA ने कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की हो. NIA बीते लंबे समय से PFI से जुड़ी अवैध फंडिंग को लेकर छापेमारी कर रहा हैं.
वहीं, NIA की छापेमारी को लेकर अब सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने NIA की छापेमारी पर सवाल खड़े किये. उनका बयान सामने आते ही बीजेपी ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया.
दिग्विजय सिंह के बयान पर सियासत-
बुधवार को उज्जैन में एक धार्मिक यात्रा के दौरान मीडिया से चर्चा में दिग्विजय सिंह ने NIA की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते कहा था कि अब तक की गई कार्रवाई के 97 प्रतिशत मामले झूठे हैं. अब उनके बयान पर प्रदेश बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है.
दिग्विजय सिंह पर आशीष अग्रवाल ने साधा निशाना-
आशीष अग्रवाल ने ट्विटर पर दिग्विजय सिंह का वीडियो पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, जिस PFI ने देश में आतंकी गतिविधियां 'फैलाईं' उससे कांग्रेस की हाथ 'मिलाई' पर जनता 'धुलाई' करेगी. ये कांग्रेस का आतंक प्रेमी इकोसिस्टम है जो विदेश में हमास से हमदर्दी और देश में PFI से प्रेम दिखा रहा है.
उन्होंने आगे लिखा, सुनिए दिग्विजय सिंह के बोल PFI पर 97% छापे झूठे पाए गए हैं. ये कौन सी नई आतंकी जांच की एजेंसी दिग्विजय सिंह को मिल गई है. इन्हें ऐसा इसलिए लगेगा क्योंकि, जिनके सुर सदैव पाकिस्तान के सुर से मिलते रहे हो, जिनके मन में आतंकवादियों के प्रति अथाह प्रेम झलकता हो, जो 26/11 मुंबई हमले को हिन्दू आतंकवाद से जोड़कर एक पुस्तक का विमोचन करते हो, जो आतंकवादियों को मासूम बताने की मंशा रखते हो, जो आतंकियों को प्रेरित करने वाले जाकिर नाइक के साथ मंच साझा कर गलबहियाँ करते हो, जो बाटला हाउस एनकाउंटर में आतंकियों के एनकाउंटर को फर्जी बताते हो, जो हिंदुओं को आतंकवादी घोषित करने में पुरजोर ताकत लगाते रहे हो उन्हें PFI पर छापे झूठे ही लगेंगे.
दिग्विजय सिंह ने दी सफाई-
ट्विटर के ज़रिये ही दिग्विजय सिंह ने भी इस गंभीर आरोपों पर पलटवार किया. उन्होंने लिखा, कुछ मीडिया संगठनों द्वारा पूछे गए सवाल पर मेरे जवाब को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है जो कि मैंने नहीं कहा है. सांप्रदायिकता भड़काने वाले संगठन PFI का मैंने कभी समर्थन नहीं किया है. मैं धर्म के नाम से सांप्रदायिकता फैलाने वाले व्यक्ति/संगठन के खिलाफ हूँ और सदैव रहूँगा.