भोपाल: राज्य में अब जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) के अध्यक्ष प्रभारी मंत्री न होकर संबंधित जिला कलेक्टर होंगे। साथ में क्षेत्र के लोकसभा सदस्य एवं विधानसभा सदस्य के अलावा राज्यसभा के सदस्य भी इस प्रतिष्ठान के सदस्य होंगे। इस संबंध में राज्य सरकार ने जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम 2016 में बदलाव जारी कर दिया। दरअसल केंद्र सरकार ने डीएमएफ का अध्यक्ष कलेक्टर बनाने के लिये कहा था जिसका राज्य सरकार ने विरोध किया था परन्तु अंतत: उसे केंद्र के निर्देशों का पालन करना ही पड़ा।
नये बदलावों के अंतर्गत, अब राज्य का समस्त भू-भाग खनन प्रभावित क्षेत्र माना जायेगा। डीएमएफ में आई राशि का उपयोग अब खनन से प्रभावित अन्य जिलों में भी किया जा सकेगा। डीएमएफ एक करोड़ रुपये तक की राशि का प्रशासकीय अनुमोदन कर सकेंगे जबकि इससे अधिक राशि के प्रस्तावों का अनुमोदन खनिज विभाग द्वारा किया जायेगा।
नये बदलाव के अंतर्गत, अब डीएमएफ के प्रस्तावों का एक पोर्टल होगा जिसमें एक्ट्री की जायेगी। पोर्टल पर आये प्रस्तावों को सीएम की अध्यक्षता में गठित समिति जिसमें खनिज मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वित्त एवं प्रमुख सचिव खनिज सदस्य होंगे, के समक्ष स्वीकृति के लिये रखा जायेगा। उल्लेखनीय है कि खनिज पट्टों में रायल्टी के साथ डीएमएफ के लिये भी भी राशि देनी होती है जिसका उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्र में विकास कार्यों के लिये होता है।