भोपाल: 1 जनवरी से प्रदेश की बी श्रेणी की 41 कृषि उपज मंडियों में ई-मंडी योजना प्रारंभ हो गई है। इस योजना में किसान ई-मंडी एप गूगल स्टोर से डाउनलोड कर स्वयं का रजिस्ट्रेशन कराया है। किसान को मंडी प्रवेश द्वार पर अपना स्वयं का नाम, पता, अपनी उपज का विवरण, ग्रेड, अनुमानित वजन की जानकारी देने पर मंडी कर्मचारी द्वारा प्रवेश द्वार पर स्थापित सिस्टम में उसे दर्ज कर प्रवेश पर्ची जारी की जायेगी।
ई-मंडी एप में कृषक को स्वयं प्रवेश पर्ची जनरेट करने की सुविधा भी दी गई है। ई-मंडी एप पर प्रवेश, अनुबंध, तौल एवं भुगतान के एसएमएस तथा वाट्सएप मैसेज, किसानों को एप पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त होंगे। मंडी के प्रवेश द्वार पर डेस्कटॉप कंप्युटर सिस्टम विथ स्माल थर्मल प्रिंटर इंटरनेट विथ वायफाय सिस्टम की व्यवस्था मंडी समिति द्वारा की जायेगी। जितनी नीलामी मंडी में एक साथ होती है, उस अनुपात में पीओएस मशीन विथ सिम एवं वायफाय इनेबल्ड की व्यवस्था भी मंडी समिति द्वारा की जायेगी।
लायसेंसधारी तुलावटियों के तीन क्विंटल वाले छोटे इलेक्ट्रानिक तौल कांटों का समय भी दर्ज किया जायेगा और पीओएस मशीन से जारी अनुबंध की प्रति पर तुलावटी द्वारा फायनल तौल की मात्रा दर्ज होगी। दस मिट्रिक टन से लेकर सौ मीट्रिक टन के बड़े इलेक्ट्रानिक तौल कांटों पर तौल उपरान्त एंड्राइड मोबाइल से फायनल तौल की मात्रा मोबाइल ई-मंडी एप पर दर्ज होगी।
ई-अनुज्ञा पोर्टल पर रजिस्टर्ड व्यापारियों की आईडी प्रदर्शित होगी तथा व्यापारी अपने सिस्टम तथा मोबाइल से भुगतान पत्रक जारी करेंगे। ई-मंडी एवं ई-अनुज्ञा योजना प्रवृत्त होने पर मंडियों में अनेक प्रकार के मेनुअल कार्य, प्ररुप, पंजियों के संधारण में कमी आयेगी।
इन मंडियों में लागू हुई ई-मंडी योजना :
बी वर्ग की इन कृषि उपज मंडियों में ई-मंडी योजना लागू की गई है : बैरसिया, भैरुंदा, ओबेदुल्लाग्रज, रायसेन, सिरोंज, ब्यावरा, पचौर, नरसिंहगढ़, कुरावर, खिरकिया, नर्मदापुरम, सांवेर, महू, मनावर, कुक्षी, धमनोद, सनावद, भीकनगांव, बुरहानपुर, महिदपुर, तराना, पिपल्या, सैलाना, शाजापुर, दतिया, कुम्भराज, मुंगावली, कोलारस, श्योपुरकला, बीना, खुरई, हरपालपुर, निवाड़ी, शहपुरा भिटोनी, सौंसर, गाडरवारा, करेली, नरसिंहपुर, गोटेगांव, सिवनी एवं नागौद।