Delhi Excise Policy Case: दिल्ली की नई शराब नीति आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए हर रोज कोई न कोई नई मुसीबत लेकर आ रही है. फ़िलहाल, इसी मामले में AAP के कई बड़े नेता जांच एजेंसियों की रडार पर हैं.
इसी महीने की 5 अक्टूबर को राज्यसभा सांसद संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भी मुसीबते बढ़ने लगी हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केजरीवाल को समन जारी कर 2 नवंबर को पेश होने को कहा है. इससे पहले भी अप्रैल में सीबीआई ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था.
इसी कथित शराब घोटाला मामले में कल दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को भी सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दरअसल, कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. बता दें कि जांच एजेंसियों ने उन पर करीब 338 करोड़ रुपये के लेनदेन का आरोप लगाया है.
क्या है शराब नीति मामला?
दो साल पहले 22 मार्च 2021 को मनीष सिसोदिया ने दिल्ली की नई शराब नीति की घोषणा की थी. शराब नीति यानी नई आबकारी नीति 2021-22, 17 नवंबर 2021 को लागू की गई. नई शराब नीति के बाद सरकार का कामकाज चौपट हो गया और सभी शराब की दुकानें निजी हाथों में चली गई.
नई शराब नीति लागू करने के पीछे केजरीवाल सरकार की मंशा थी कि ऐसा करने से अवैध माफिया राज खत्म होगा और सरकार का राजस्व बढ़ेगा. हालांकि, नई नीति लागू होते ही विवाद भी शुरू हो गए. बढ़ते विवाद के कारण सरकार ने 30 जुलाई 2022 को इसे रद्द कर दी. जिसके बाद पुरानी नीति में बदलाव कर उसे लागू किया गया.