भोपाल: गड़बड़ी करने की विभिन्न प्रकार की शिकायतें मिलने पर वल्लभ भवन स्थित मंत्रालय के सीएम सचिवालय में स्थित मुख्यमंत्री स्वेच्दानुदान शाखा से करीब 25 वर्षों से पदस्थ कर्मचारी तारिक कुरैशी को हटा दिया गया है।
यह कर्मचारी दरअसल मूल रूप से तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत सरदार वल्लभ भाई पटेल पॉलिटेक्निक कॉलेज भोपाल में पदस्थ था और उसने अपना संलग्रीकरण सीएम स्वेच्छानुदान निधि शाखा में करा लिया था। इतने लम्बे समय तक कोई भी कर्मचारी बिना सक्षम अनुमति के पदस्थ नहीं रह सकता है तथा पहले भी इसे हटाये जाने की कार्यवाही हुई थी परन्तु यह कर्मचारी अपने प्रभाव का उपयोग कर हटाने की कार्यवाही रुकवा लेता था। इसके खिलाफ गड़बड़ी करने की अनेक शिकायतें थीं।
मोहन यादव के सीएम बनने के बाद उसे अब इस शाखा से हटा दिया है और उसे वापस उसकी मूल पदस्थापना पर भेज दिया है और एक सरकारी चिकित्सक डाक्टर महेन्द्र सिंह कदम को इस सीएम स्वेच्छानुदान निधि शाखा में पदस्थ कर दिया गया है जिससे चिकित्सकीय प्रकरणों में सहायता लेने के आवेदनों का वे उचित परीक्षण कर सकें।
डा. कदम डेढ़ साल पहले भी यहीं पदस्थ थे परन्तु उन्हें गड़बडिय़ां करने की शिकायतों के आधार पर हटा दिया गया था तथा अब वे फिर यहां पदस्थ हो गये हैं। उल्लेखनीय है कि सीएम स्वेच्छानुदान निधि में दो सौ से तीन सौ करोड़ रुपये की राशि रहती है।