भोपाल: राज्य शासन के वन विभाग ने मां नर्मदा के जल को निर्मल तथा प्रवाह को अविरल रखने के संबंध में नर्मदा नदी के दोनों ओर के किनारों में 5-5 किलोमीटर की परिधि में स्थित 931 ग्रामों में 9 हजार 993 हैक्टैयर वन क्षेत्र को अवैध अतिक्रमण के रुप में चिन्हित किया था तथा अब इसमें से 206 हैक्टेयर वन क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि नर्मदा नदी से लगे वन क्षेत्रों में अवैध वृक्ष कटाई पूर्णतया प्रतिबंधित की हुई है। इसी प्रकार, वन विभाग ने नर्मदा नदी के किनारों पर स्थित 931 ग्रामों में से 378 ग्रामों में बायोडायवर्सिटी यानि जैव विविधता की मैपिंग हेतु सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण कर लिया है तथा शेष में सर्वेक्षण जारी है। मैपिंग के बाद इन ग्रामों में जैवविविधता के प्रबंधन का कार्य किया जायेगा जिसके लिये भारतीय वन प्रबंधन संस्थान भोपाल से प्रस्ताव वन विभाग को प्राप्त हुआ है जिसका परीक्षण किया जा रहा है तथा इसकी स्वीकृति हेतु इसे वन विभाग के अधीन कार्यरत जैव विविधता बोर्ड की आगामी बैठक में रखा जायेगा।
बनी 124 करोड़ रुपये की योजना :
प्रदेश की नर्मदा नदी किनारे पर स्थित नगरीय क्षेत्रों की शासकीय एवं निजी भूमि और नर्मदा परिक्रमा पथ पर सघन वृक्षारोपण करने की विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है तथा इसके तहत वर्ष 2025-26 से अगले सात वर्षों में कुल 124 करोड़ 46 लाख रुपये व्यय किये जायेंगे जिसकी उच्च स्तर पर स्वीकृति मिल गई है। पहले वर्ष में 5 हजार 650 हैक्टैयर में पौधा रोपण हेतु क्षेत्र तैयारी कार्य पूर्ण किया गया है तथा दूसरे वर्ष में वर्षा ऋतु 2026 में इस 5 हजार 650 हैक्टैयर क्षेत्र में 28 लाख पौधों का रोपण प्रस्तावित किया गया है।