बहुचर्चित फिल्म 'द केरल स्टोरी' का ट्रेलर सामने आ चुका है। ट्रेलर में केरल के हिंदू परिवार की शालिनी उन्नीकृष्णन के फातिमा बनने का दर्दनाक सफर दिखाया गया है। फिल्म केरल में धर्मांतरण के मुद्दे को उठाया गया है जिस पर विवाद शुरू हो गया है।
फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक वर्ग फिल्म को बलपूर्वक धर्मांतरण का जीता जागता सच बता रहा है। वहीं दूसरा वर्ग यह कह रहा है कि फ़िल्म की आड़ में तथ्यों से खिलवाड़ किया गया और समाज में नफ़रत का ज़हर फैलाया जा रहा है। फ़िल्म को लेकर बॉलीवुड की राय भी बंटी हुई दिखाई दे रही है।
फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत एक हंसते-खेलते परिवार से होती है, लेकिन इस परिवार की बिटिया शालिनी उन्नीकृष्णन को किस तरह फातिमा बना आतंकवाद की आग में झोंक दिया जाता है फिल्म उसे दिखाती है। फिल्म के बारे में यह कहा गया है कि यह सिर्फ शालिनी की नहीं है, बल्कि केरल राज्य की हजारों लड़कियों की कहानी है।
ट्रेलर में शालिनी से पूछा जाता है, 'आईएसआईएस कब जॉइन किया?' इस पर जवाब मिलता है, 'आईएसआईएस कब जॉइन किया, ये जानने के लिए क्यों और कैसे जॉइन किया ये जानना ज्यादा जरूरी है।' इसके बाद वह धर्मांतरण के लिए गए ब्रेनवॉश को दिखाया गया है। ट्रेलर में 2006 से लेकर 2011 तक केरल के मुख्यमंत्री रहे वी एस अचुतानंदन के एक कथित बयान का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया कि अगले 20 वर्षों में केरल इस्लामिक स्टेट बन जाएगा।
ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया में व्यापक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। कहा जा रहा है कि जिस तरह इसमें धर्मांतरण का मुद्दा उठाया गया है वह एक बड़ा सबक है। साथ ही हिंदू-मुस्लिम जैसे संवेदनशील विषय के कारण इस पर राजनीतिक विवाद की आशंका पहले ही जताई जा रही थी।