बॉलीवुड के सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह इन दिनों अपनी वेब सीरीज ताज- रेन ऑफ रिवेंज को लेकर एक्टर चर्चा में हैं। इसके अलावा विवादित बयानों को लेकर भी नसीरुद्दीन सुर्खियां बटोर रहे हैं। अब नसीरुद्दीन शाह ने बताया है कि वह खुद को मिलने वाले अवॉर्ड्स का इस्तेमाल वॉशरूम के दरवाजे के हैंडल की तरह करते हैं।

शाह ने अपने नए इंटरव्यू में अवॉर्ड्स को लेकर बात की… उनसे पूछा गया था कि क्या यह अफवाह सही है कि आप खुद को मिलने वाले अवॉर्ड्स का इस्तेमाल अपने फार्महाउस के दरवाजों के हैंडल के रूप में करते हैं। इस पर नसीरुद्दीन की हंसी छूट गई। उन्होंने कहा कि हाँ ये सच है। मुझे इन ट्रॉफियों में कोई वैल्यू नजर नहीं आती जब मुझे शुरुआती दिनों में अवॉर्ड मिले तो मैं खुश था। लेकिन फिर मेरे चारों ओर ट्रॉफियां जमा होने लगीं। देर-सवेर मैं समझ गया कि ये लॉबिंग का परिणाम हैं। किसी को ये अवॉर्ड उनकी योग्यता के कारण नहीं मिल रहे हैं, इसलिए मैंने उन्हें पीछे छोड़ना शुरू कर दिया।

जब उन्हें पद्मश्री और पद्म भूषण मिला तो उन्हें अपने दिवंगत पिता की याद आ गई, जो हमेशा उन्हें नौकरी को लेकर चिंतित रहते थे, वो कहते थे कि ये फालतू का काम करोगे तो मूर्ख बन जाओगे, इसलिए जब उन्हें अवॉर्ड लेने के लिए राष्ट्रपति भवन बुलाया तो उन्हें ऊपर देखा और अपने पिताजी से पूछा कि क्या वह ये सब देख रहे हैं, वह देख रहे थे, और उन्हें यकीन था कि वह खुश थे। वह उन अवॉर्ड्स को पाकर खुश थे। लेकिन वह इन प्रतिस्पर्धी अवॉर्ड्स को बर्दाश्त नहीं कर सकते।