ओम राउत की फ़िल्म आदिपुरुष रिलीज़ हो चुकी है। दर्शकों को प्रभास और कृति सनन स्टारर आदिपुरुष रास नहीं आ रही है। दर्शकों का कहना है कि फिल्म में तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। वहीं फिल्म के भद्दे और फूहड़ डायलॉग्स को लेकर भी दर्शक काफी नाराज़ दिखाई पड़ रहे हैं। दर्शकों को रावण के किरदार को लेकर भी आपत्ति है, तो वहीं फिल्म के VFX भी दर्शकों को पसंद नहीं आ रहे हैं।

कई दर्शक तो ये हिदायत तक देते नज़र आ रहे हैं, कि बच्चों को ये फिल्म बिलकुल भी न दिखाएं नहीं तो उनके मन में रामायण को लेकर एक ग़लत अवधारणा बन जाएगी जो कि बिलकुल भी ठीक नहीं रहेगी। फिल्म को देखकर दर्शक रामानंद सागर की रामायण को भी याद कर रहे हैं। रामानंद सागर की रामायण को अद्वितीय बताते हुए आदिपुरुष बैन किये जाने की मांग भी होने लगी है।

अब रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने भी आदिपुरुष को लेकर नाराज़गी ज़ाहिर की है। उन्होंने आदिपुरुष में रावण के किरदार को खलनायक की तरह दिखाने को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने फिल्म पर क्रिएटिव फ्रीडम का गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया है।

साथ ही उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर भी एक वीडियो पोस्ट की है, जिसके साथ उन्होंने एक लंबा कैप्शन भी लिखा है। उन्होंने लिखा- '50 साल तक भी रामानंद सागर जैसी बनाई हुई रामायण नहीं बन सकती... पापाजी का जन्म रामायण बनाने के लिए हुआ था। उन्हें रामायण को फिर से लिखने के लिए इस धरती पर भेजा गया था, जैसे वाल्मीकि जी ने इसे छंदों में लिखा था, तुलसीदासजी ने इसे अवध भाषा में लिखा था और पापाजी ने इसे इलेक्ट्रॉनिक युग में लिखा था...रामानंद सागर का रामायण एक ऐसा महाकाव्य था जिसे दुनिया ने एक्सपीरियंस किया और इसे लोगों के दिलों में कभी नहीं बदला जा सकेगा।

आपको बता दें पिछले साल फिल्म का टीजर रिलीज होने के बाद से रामायण की कहानी को फिर से बताने वाले आदिपुरुष को काफी आलोचना मिली थी। हिंदू संगठनों, अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी ने महाकाव्य पात्रों के चित्रण पर आपत्ति जताई, जबकि फिल्म के निर्माताओं ने आश्वासन दिया कि उन्होंने किसी भी धार्मिक भावना को आहत नहीं करने का ध्यान रखा है।