आमतौर पर एक्टर की कहानी में यह सुनने को जरूर मिलता है कि उन्होंने पहला ख्वाब ही एक्टर बनने का देखा था, लेकिन यामी गौतम ऐसी एक्ट्रेस हैं जो हीरोइन नहीं बनना चाहती थीं, आईएएस की तैयारी कर रही थीं, मगर फिर एक्टिंग के लिए दिलचस्पी जागी और हिमाचल में पली-बढ़ी लड़की सपनों के शहर मुंबई आ गई। मुंबई में स्ट्रगल किया। टीवी से शुरुआत हुई, एक समय ऐसा भी आया जब इंडस्ट्री छोड़ने का मन बना लिया था।
विक्की डोनर से चोर निकल के भागा तक उनकी एक्टिंग को सभी ने सराहा है। 27 फिल्में कर चुकीं यामी ने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में भी काम किया है। यामी ने बताया मैं पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। जहां तक पब्लिक स्पीकिंग और को-करिकुलर एक्टिविटीज की बात है, उनसे कोसों दूर रहती थी। वजह ये थी कि मुझमें आत्मविश्वास की कमी थी। वक्त के साथ मेरा रुझान फिल्मों की तरफ होता गया।