परेश रावल हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं में से एक हैं। देश और दुनिया में चल रहे मुद्दों को लेकर वे काफी सक्रिय भी रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है जिसके लिए उन्हें माफी तक मांगनी पड़ी है। माफी मांगने के बाद भी परेश रावल के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। हालांकि ये पहली बार नहीं है जब उन्होंने अपने बयान से बवाल मचाया है, इससे पहले भी वे ऐसे बयान दे चुके हैं।
क्या विवाद चल रहा है
दरअसल, हाल ही में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान परेश रावल ने बीजेपी के लिए प्रचार करते हुए कहा था, 'गैस सिलेंडर महंगे हैं लेकिन इनकी कीमत कम होगी। लोगों को नौकरी मिलेगी, गुजरात में रहने वाले लोग महंगाई तो बर्दाश्त कर लेंगे, लेकिन अगर रोहिंग्या शरणार्थी या बांग्लादेशी अगले दरवाजे पर आ गए तो गैस सिलेंडर का क्या होगा? क्या तुम बंगालियों के लिए मछली पकाओगे?' परेश रावल के इस बयान पर बवाल मच गया है।
इससे पहले भी 2017 में, राजकोट रिंग रोड पर भाजपा के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन पर, परेश रावल ने सभा को संबोधित करते हुए राज्य की तुलना बंदरों से की थी। अपने भाषण के दौरान वे सरदार पटेल के योगदान के बारे में बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश को एक किया था। इन राजाओं को जो वानर थे, ठीक किया, सीधा किया। पटेल के बारे में ज्यादा कुछ नहीं लिखा गया है, वहीं जेआरडी टाटा ने यह भी कहा कि अगर सरदार पटेल देश के प्रधानमंत्री होते तो देश कहां पहुंचता। परेश रावल के इस बयान के बाद जमकर हंगामा हुआ था। उनके पुतले भी जलाए गए। बाद में मामले को बढ़ता देख परेश रावल ने माफी मांगी।
2014 में जब परेश रावल अहमदाबाद में बीजेपी के लिए प्रचार कर रहे थे, तब उन्होंने एक हिंदू धार्मिक स्थल पर बयान दिया था। जिसकी काफी चर्चा हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परेश रावल ने कहा कि यह देखा गया है कि हिंदू पूजा स्थल अन्य धर्मों के पूजा स्थलों की तुलना में सबसे गंदे होते हैं। उनके इस बयान की काफी चर्चा हुई थी। बाद में कहा गया कि उनका बयान स्वच्छ भारत अभियान के तहत दिया गया था।