भोपाल: सागर जिला अस्पताल में बाजार दर से कई गुना अधिक दाम पर सब्जी और अन्य सामग्री की सप्लाई मामले में एक और जानकारी प्रकाश में आई है. जानकारी के अनुसार, नई टेंडर प्रक्रिया में कम दर पर सामग्री सप्लाई करने वाले फार्म को 5 महीने से आर्डर नहीं दिया गया.

अस्पताल के स्टोर इंचार्ज टेंडर नहीं होने का ठीकरा डॉक्टरों की कमेटी पर फोड़ा है. इंचार्ज ने बताया कि कोरोना काल में तहसीलदार से रेट लेने के बाद ही संकल्प ट्रेडर्स, विष्णु और कोरी ट्रेडर्स सिंडिकेट बनाकर अस्पताल में सामग्री की सप्लाई के वर्क आर्डर दिए गए है.
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अस्पताल सूत्रों ने बताया कि मार्च में टेंडर हो गए थे. पंचशील ट्रेडर्स और एसजीएस फर्म द्वारा रेट कम दिए गए थे. 29 मार्च को अनुबंध करने के लिए 500 रुपए के स्टाम्प पेपर भी मंगा लिए थे. बावजूद इसके, अनुबंध नहीं किया गया. सूत्रों का कहना है कि संकल्प ट्रेडर्स और कोरी ट्रेडर्स सिंडीकेट के दबाव में डॉक्टरों की कमेटी ने नई फर्मो से अनुबंध नहीं किया.

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पूर्वक बाजार दर से अधिक सप्लाई करने वाले सिंडिकेट फर्मों को सामग्री सप्लाई के वर्क ऑर्डर यथावत रखा गया. स्टोर इंचार्ज का कहना है कि आलू सहित कई सामग्रियों के दाम बाजार दर से अधिक है किंतु यह दर तहसीलदार के यहां से निर्धारित होकर आई थी. यानी इस घालमेल में तहसीलदार की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है.

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स्टोर इंचार्ज ने जानकारी दी कि पूर्व में तीन बार टेंडर हुए और डॉक्टरों की कमेटी ने उसे निरस्त कर दिया. डॉक्टर की कमेटी ने आखिर टेंडर निरस्त क्यों किए, यह शोध का विषय है. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि टेंडर निरस्त करने संबंधित ना तो कारण बताए गए हैं और ना ही निविदा में हिस्सा लेने वाले फर्म की अमानत राशि लौटाई गई.