मध्यप्रदेश के भिंड ज़िले से एक वीडियो बड़ी तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में सरकारी तंत्र की गैर ज़िम्मेदारी साफ़ नजर आ रही है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे गोहद नगर पालिका के कर्मचारी लंपी वायरस से मृत गायों के शव को बैसली नदी में फेंक रहे हैं। 

नगर पालिका के कर्मचारी तीन गायों के शव को ट्रैक्टर ट्रॉली से बैसली नदी के पुराने पुल पर लेकर पहुंचते हैं। उसके बाद ट्रॉली ऊची कर दो गायों के शव को नदी में डाल देते हैं। यह पूरी घटना पास ही में मौजूद लोग अपने कैमरे में कैद कर लेते हैं। जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। यह देख कर्मचारी तुरंत तेज रफ़्तार में वहां से निकल जाते हैं। फ़िलहाल वीडियो के आधार पर दो कर्मचारी निलंबित हुए हैं। 

बता दें कि सरकारी नियमों के अनुसार, लंपी वायरस से पीड़ित गाय के शव को जमीन में दफनाए जाने का प्रावधान है। खुले में या पानी में फेंके जाने से इस वायरस से अन्य पशुओं के पीड़ित होने की भी संभावना बढ़ सकती है। इससे कई तरह की बीमारियों का ख़तरा भी बढ़ सकता है।   

गोहद नगर पालिका सीएमओ सतीश कुमार दुबे ने विपक्ष और स्थानीय जनता द्वारा विरोध जताए जाने के बाद वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार, अस्थाई कर्मचारी ट्रैक्टर चालक राम दुलारे जाटव एवं सफाई कर्मी जितेंद्र वाल्मीकि ने शवों को नदी में फेंका था। दोनों कर्मचारियों को निलंबित करते हुए सीएमओ ने आदेश दिया है कि मृत गाय को उचित स्थान पर दफनाया जाए। साथ ही हिदायत दी है कि इस तरह की लापरवाही आगे नहीं होनी चाहिए।