बुरहानपुर जिले के इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बसे झिरी गांव की महिला सरपंच ने गहने गिरवी रखकर गांव की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगवाए हैं, लेकिन गांव वालों की भलाई करने की सोच के बाद भी सरपंच के काम पर सवाल उठे जा रहे हैं।
गांव की महिला सरपंच ने अपने गहने गिरवी रख गांव और गांव वालों की सुऱक्षा के लिए नाइट विजन HD CCTV कैमरे लगवाए हैं। गांव की सरपंच ने बताया कि यहां लगाए गए चार कैमरों की कीमत 80 हजार रुपये है, वहीं अब गांव वालों ने कैमरों की कीमत पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
महिला सरपंच के इस काम को देखकर हर कोई उनके स काम की तारीफ़ कर रहा है। वहीं सरपंच आशा विकास कैथवास ने बताया कि पंचायत का कार्यभार संभालने से पहले उन्होंने अपने जेवर गिरवी रखे और उससे मिले रुपयों से CCTV कैमरे खरीदे। फिर पदभार संभालते ही सरपंच ने उन कैमरों को गांव में लगवा दिया। इसके बाद यहां की पंचायत पूरी तरह से हाईटेक सुरक्षा वाली हो गई।
मामले में ग्रामीणों का कहना है कि चार कैमरों को खरीदने के लिए 80 हज़ार रुपए कीमत काफी ज़्यादा है। वहीं सरपंच के पति विकास कैथवास का कहना है कि कैमरों के साथ मॉनिटर और दो यूपीएस भी खरीदे गए हैं। इसके अलावा सरपंच के पति विकास कैथवास ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के 24 हजार रुपये के जेवर गिरवी रखे थे, और कुछ रुपये उनके पास थे। जब इन कैमरों की खरीद की डिटेल और बिल मांगा तो विकास कैथवास ने बताया कि कोटेशन मंगवाकर पूरा काम करवाया गया है।
वहीं सरपंच आशा कैथवास का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से गांव में CCTV का होना बेहद महत्वपूर्ण है। नाइट विजन कैमरे लगने से हर एक्टिविटी पर आसानी से नजर रखी जा सकती है। हमारा मकसद है गांव के लोगों की सुरक्षा करना है।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि कुछ माह पहले झिरी से एक बच्चे का अपहरण किया गया था। यहां के हाईवे पर CCTV कैमरे लगे होने की वजह से आरोपी को 72 घंटे के अंदर ही पुलिस ने पकड़ लिया था। इंदौर-इच्छापुर रोड किलर हाईवे बन चुका है, जिसके चलते भी यहां कैमरे लगाए जाने ज़रूरी थे।