भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ दूसरी बार अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है. तेरहवीं विधानसभा में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह शिवराज सरकार के खिलाफ इसी तरह अविश्वास प्रस्ताव लाए थे. 19 दिसंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र में कांग्रेस विधायक दल द्वारा शिवराज मंत्रिमंडल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रहा है.

अविश्वास प्रस्ताव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सहित आधा दर्जन मंत्री कांग्रेस विधायकों के निशाने पर रहेंगे. नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह द्वारा लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव में ई-टेंडर घोटाले से लेकर 700 करोड़ रुपए के पोषण आहार घोटाले को अविश्वास प्रस्ताव में शामिल किए जा रहे हैं.

कांग्रेस विधायक दल की ओर से पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक पीसी शर्मा ने मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव की सूचना विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह को सौंपी है. नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की ओर से यह सूचना विधानसभा सचिवालय को सौंपी गई है और सरकार के खिलाफ किन-किन मुद्दों पर अविश्वास जताया जा रहा है, उसकी विस्तृत जानकारी 18 दिसंबर को विधानसभा सचिवालय को दी जाएगी.

प्रतिपक्ष के नेता डॉक्टर गोविंद सिंह ने सरकार के खिलाफ घोटाले से संबंधित दस्तावेज भी खंगालने लगे हैं. अविश्वास प्रस्ताव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सहित आधा दर्जन से अधिक मंत्री प्रतिपक्ष के निशाने पर रहेंगे. डॉक्टर सिंह के पहले पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह शिवराज सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे. अजय सिंह ने अपने अविश्वास प्रस्ताव में रेत घोटाले से लेकर मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत हमले किए थे. मध्य प्रदेश में किसी भी राज्य सरकार के खिलाफ 28 बार इस तरह अविश्वास प्रस्ताव लाकर उसके कामकाज पर सवाल उठाए जा चुके हैं.

19 दिसंबर से 23 दिसंबर तक चलेगा सत्र-

पंद्रहवीं विधानसभा का तेरहवां सत्र 19 दिसंबर से 23 दिसंबर तक होना है. पंद्रहवीं विधानसभा में चुनाव के बाद कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में बहुमत मिलने के बाद कमलनाथ सरकार बनी थी लेकिन करीब पंद्रह महीने बाद 22 विधायकों के एकसाथ इस्तीफा देकर पार्टी बदलकर भाजपा में चले जाने सरकार गिर गई थी. इसके बाद 23 मार्च 2020 को चौथी बार शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने थे. उपचुनावों में भाजपा ने फिर जीत दर्ज की और आज उसके पास 230 में से 127 सीटें हैं.

अब तक 12 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आ चुके हैं अविश्वास प्रस्ताव-

66 साल के प्रदेश में अब तक 18 नेता मुख्यमंत्री बन चुके हैं. राज्य में  12 सीएम के खिलाफ अब तक 28 अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं. भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान चौथी बार मुख्यमंत्री बने है. शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ दूसरी बार अविश्वास प्रस्ताव आया है. इनमें से स्वर्गीय अर्जुन सिंह ऐसे मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने पांच बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ चुका है.

द्वारकाप्रसाद मिश्र के खिलाफ भी चार बार विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष वीरेंद्र सकलेचा, लक्ष्मीनारायण नायक, मदनलाल तिवारी अविश्वास प्रस्ताव लाए थे. दिग्विजय सिंह के खिलाफ तीन बार विपक्ष की तरफ से नेता प्रतिपक्ष विक्रम वर्मा व गौरीशंकर शेजवार अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा लेकर आए. इन मुख्यमंत्री के अलावा कैलाशनाथ काटजू, भगवतराव मंडलोई, गोविंदनारायण सिंह, श्यामाचरण शुक्ल, प्रकाशचंद सेठी, वीरेंद्र सकलेचा, मोतीलाल वोरा, सुंदरलाल पटवा और शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ विपक्ष विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ चुका है.

छह ऐसे मुख्यमंत्री भी रहे हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल विपक्ष के ब्रह्मास्त्र अविश्वास प्रस्ताव के बिना ही पूरा कर लिया. सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह तेरहवीं विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाए थे और अभी नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने इसकी सूचना दी.