भोपाल: राज्य के वन विभाग ने तेंदूपत्ता संग्रहण एवं व्यापार के अधिकार पायलट प्रोजेक्ट के तहत ग्राम सभाओं को देने के लिये अंतत: पांच विकासखण्डों का चयन कर लिया है।
इनमें शामिल हैं: डिण्डौरी जिले में मेहन्दवानी, दक्षिण बैतूल में आठनेर, उमरिया में पाली, श्योपुर में कराहल विकासखण्ड तथा अलीराजपुर जिले में कठ्ठीवाड़ा विकासखण्ड।
अब अगले वर्ष तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन में इन पांचों विकासखण्डों में तेंदूपत्ता का संग्रहण एवं उसका व्यापार इन विकासखण्डों की ग्राम सभायें करेंगे तथा इनके नतीजे आने के बाद पूरे प्रदेश मेें यह अधिकार ग्राम सभाओं को दिया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि अब तक वन विभाग के लघु वनोपज संघ तेंदूपत्ता के पास संग्रहण एवं उसके व्यापार का अधिकार है। पैसा एक्ट के तहत राज्य सरकार यह अधिकार संघ से वापस लेकर ग्राम सभाओं को देना चाहती है।
इन पांच विकासखण्डों के चयन में पहले वन मंत्री विजय शाह के गृह जिले खण्डवा के खालवा विकासखण्ड का भी चयन किया गया था परन्तु वन मंत्री शाह ने अपने जिले में यह अधिकार ग्राम सभाओं को देने से इंकार कर दिया था। इस पर खण्डवा जिले के खालवा विकासखण्ड के बजाये अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा विकासखण्ड का चयन किया गया।