भोपाल।राज्य का वन विभाग शहडोल एवं उमरिया के जंगलों में घूम रहे हाथियों को जनधन हानि रोकने हेतु नियंत्रित करने के लिये अब उन्हें बेहोश करेगी। इसके लिये हाथियों को ट्रेंक्विलाईज करने के लिये विशेष रसायन इटोरफिन-एम99 का आयात किया जायेगा।
इसके अलावा, संजय टाईगर रिजर्व, बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व, मुकुन्दपुर जू तथा जबलपुर में स्थापित रेस्क्यू स्क्वाड को रेपिड रिस्पांस टीम के रुप में स्थापित किया जायेगा। इस टीम में एक सोशियोलॉजिस्ट को भी शामिल किया जायेगा। इसी प्रकार, हाथी क्षेत्रों में गांव के बाहर प्रायोगिक तौर पर एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच अथवा एलीफेंट प्रूफ सोलर फेंसिंग की व्यवस्था की जायेगी।
साथ ही ड्रोन के माध्यम से जंगली हाथियों के मूवमेंट को मॉनिटर किया जायेगा ताकि हाथियों के मूवमेंट की दिशा में ग्रामीणों को समय पूर्व आगाह किया जा सके। चूंकि इन हाथियों का आवागमन छत्तीसगढ़ राज्य से हो रहा है, इसलिये छत्तीसगढ़ के वनाधिकारियों के साथ समन्वय हेतु अंतर्राज्यीय समन्वय समिति बनाई जायेगी एवं हाथियों की गतिविधियों के संबंध में जानकारी का नियमित आदान-प्रदान किया जायेगा। इन हाथियों के रहवास एवं कॉरिडोर प्रबंधन के संबंध में अन्य राज्यों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा की जायेगी।