भोपाल: राज्य के वन विभाग ने अपने 29 वनमंडलों के वनखण्डों एवं वर्किंग प्लान में 31 हजार 707.452 हैक्टेयर निजी भूमि शामिल कर ली है। जबकि वह ऐसा नहीं कर सकता है। इसलिये अब उसे वर्किंग प्लान में लिखना पड़ रहा है कि वनखण्डों में शामिल निजी भूमि किसानों की है और उनका स्वामित्व भी किसानों का है।
प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार, उत्तर बालाघाट वनमंडल में 77 किसानों की 103.738 हैक्टेयर, दक्षिण बैतूल वनमंडल में 13 किसानों की 45.013 हैक्टेयर, पश्चिम बैतूल वनमंडल में 31 किसानों की 20.430 हैक्टेयर, विदिशा वनमंडल में (किसानों की संख्या अनुपलब्ध) 401.666 हैक्टेयर, पूर्व छिन्दवाड़ा वनमंडल में 1583 किसानों की 3 हजार 382.646 हैक्टेयर, पश्चिम छिन्दवाड़ा वनमंडल में 455 किसानों की 686.585 हैक्टेयर, दक्षिण छिन्दवाड़ा वनमंडल में 474 किसानों की 655.630 हैक्टेयर, सीधी वनमंडल में 171 किसानों की 586.798 हैक्टेयर, सिंगरौली वनमंडल में 161 किसानों की 642.500 हैक्टेयर, सतना वनमंडल में 496 किसानों की 1 हजार 837.210 हैक्टेयर, दमोह वनमंडल में 18 किसानों की 22.701 हैक्टेयर, उत्तर सागर वनमंडल में (किसानों की संख्या अनुपलब्ध) 313.081 हैक्टेयर, दक्षिण सागर वनमंडल में (किसानों की संख्या अनुपलब्ध) 1 हजार 161.515 हैक्टेयर, नौरादेही अभयारण्य वनमंडल में 4 किसानों की 27.092 हैक्टेयर, उमरिया वनमंडल में 820 किसानों की 464.280 हैक्टेयर, उत्तर शहडोल वनमंडल में 1220 किसानों की 1 हजार 659.740 हैक्टेयर, दक्षिण शहडोल वनमंडल में 660 किसानों की 881.098 हैक्टेयर, अनूपपुर वनमंडल में 602 किसानों की 1 हजार 268.788 हैक्टेयर, बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व वनमंडल में (किसानों की संख्या अनुपलब्ध) 691.670 हैक्टेयर, वन विकास निगम के कब्जे वाले वन क्षेत्र में (किसानों की संख्या अनुपलब्ध) 123.873 हैक्टेयर, उत्तर सिवनी वनमंडल में 676 किसानों की 895.909 हैक्टेयर, दक्षिण सिवनी वनमंडल में 240 किसानों की 577.471 हैक्टेयर, शिवपुरी वनमंडल में 3 हजार 102 किसानों की 4 हजार 418.896 हैक्टेयर, गुना वनमंडल में 2 हजार 734 किसानों की 6 हजार 476.388 हैक्टेयर, अशोकनगर वनमंडल में 1 हजार 14 किसानों की 2 हजार 505.751 हैक्टेयर, उत्तर पन्ना वनमंडल में 116 किसानों की 289.002 हैक्टेयर, दक्षिण पन्ना वनमंडल में 967 किसानों की 1 हजार 229.620 हैक्टेयर, दतिया वनमंडल में 60 किसानों की 133.100 हैक्टेयर तथा होशंगाबाद वनमंडल में 115 किसानों की 205.261 हैक्टेयर निजी भूमि वनखण्डों एवं वर्किंग प्लान में शामिल कर ली गई है।
इस गड़बड़ी का पता लगने पर वन विभाग ने बिना अधिगृहित किये, बिना मुआवजा दिये एवं इसके बाद बिना आरक्षित वन घोषित किये, निजी भूमियों को वनखण्डों में शामिल किये जाने की कार्यवाही त्रुटिपूर्ण बताई है तथा वन बल प्रमुख भोपाल से कहा है कि वर्किंग प्लान में दर्ज हुई निजी भूमियों को निजी भूमि के रुप में ही दर्शाया जाये। इसी कारण से अब वर्किंग प्लानों में शामिल निजी भूमियों को अलग से दर्शाया जा रहा है कि ये निजी भूमियां हैं।