भोपाल के मैनिट परिसर के अंदर 15 दिनों से मौजूद घूम रहे बाघ को आखिरकर रविवार रेस्क्यु कर लिया गया। वन विभाग की टीम ने रविवार सुबह बाघ को पकड़ लिया। बाघ के कब्जे में आने से मैनिट के में रह रहे विद्यार्थियों और स्टाफ के अलावा आस पास को कई कालोनियों के लोगों को राहत मिली है। 

 

वन विभाग के मुताबिक बाघ को पकड़ने के लिए टीम ने रविवार सुबह पूरे एरिया का सर्वे करना शुरू कर दिया था। मैनिट में एनआरआई हॉस्टल के पास अपनी उपस्थिति दर्ज करने वाले बाघ को रेस्क्यु करने की नई रणनीति बनाई गई और इसके बाद बाघ को पकड़ लिया गया। 

बाघ ने विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ा रखी थी। वन्य प्राणी मुख्यालय के अधिकारी भी परेशान थे हैं। अधिकारियों व विशेषज्ञों ने लगातार बाघ के मूवमेंट वाले इलाकों का दौरा किया है लेकिन बाघ को पकड़ने की रणनीति कामयाब नहीं हो पा रही थी। 

वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया था कि मैनिट परिसर में दाखिल हुआ पहला ऐसा बाघ है जो शिकार करने, ट्रैप कैमरे में आने, पगमार्क मिलने के बावजूद दिखाई नहीं दे रहा है। घना जंगल है, झाड़ियों व पेड़ों की संख्या अधिक है। जिसके कारण उसे रेस्क्यू करने की योजना नहीं बना पा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वन विभाग ने उसकी निगरानी करने के लिए 60 वन कर्मियों को तैनात किया है।

गौरतलब है कि बाघ को पकड़ने तीन पिंजरे लगाए गए थे। एक्सीलेंस कॉलेज के पास स्थित मध्यप्रदेश प्राइवेट यूनिवर्सिटी रेगुलेटरी कमीशन के पास बाघ के मूवमेंट से वहां भी दहशत मच गयी थी। यहां कल रात को गेट पर गार्ड ने बाघ को देखा।