भोपाल: प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह ने अपने गृह जिले खण्डवा में तेंदूपत्ता के संग्रहण एवं व्यापार के अधिकार ग्राम सभाओं को देने से इंकार कर दिया है। दरअसल सीएम तेंदूपत्ता का संग्रहण एवं व्यापार का अधिकार वन विभाग की इकाई लघु वनोपज संघ से वापस लेकर ग्राम सभाओं को देना चाहते हैं।
पहले उन्होंने बैतूल जिले के शाहपुरा ग्राम में इसका पायलट प्रोजेक्ट चलाने के लिये कहा था परन्तु बाद में उन्होंने यह पायलट प्रोजेक्ट पांच विकासखण्डों के ग्रामों में चलाने के निर्देश दिये। लघु वनोपज संघ से कहा गया कि वह पांच विकासखण्डों का चयन कर प्रस्ताव भेजे।
इस पर संघ में खण्डवा जिले में खालवा, डिण्डौरी जिले में मेहन्दवानी, दक्षिण बैतूल में आठनेर, उमरिया में पाली एवं श्योपुर में कराहल विकासखण्ड का चयन किया एवं प्रस्ताव की स्वीकृति के लिये उसे वन मंत्री के पास भेज दिया। लेकिन वन मंत्री ने अपने गृह जिले में यह पायलट प्रोजेक्ट चलाने से इंकार कर दिया तथा लघु वनोपज संघ से कहा है कि वह खण्डवा के बजाये अन्य जिले के विकासखण्ड का चयन करे।
उल्लेखनीय है कि पैसा एक्ट के तहत राज्यपाल से लेकर सीएम तक लघु वनोपजों के संग्रहण एवं व्यापार का अधिकार ग्राम सभाओं को देना चाहते हैं लेकिन वन मंत्री इसका पायलट प्रोजेक्ट अपने गृह जिले में ही चलाने से हाथ खींच रहे हैं। अब लघु वनोपज संघ नये विकासखण्ड का चयन कर पुन: प्रस्ताव वन मंत्री के पास भेजेगा।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि सीएम के निर्देश अनुसार तेंदूपत्ता संग्रहण एवं व्यापार का अधिकार ग्राम सभाओं को देने के लिये पांच विकासखण्डों का चयन किया गया है। वन मंत्री द्वारा खण्डवा जिले में पायलट प्रोजेक्ट न चलाने के संबंध में फाईल अभी आई नहीं है, आयेगी तो नये विकासखण्ड का चयन किया जायेगा।