गुजरात के गरबों में बच्चों को पारंपरिक रास करते हुए देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है। जामनगर के युवाओं के मशाल रास ने भी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पिछले 8 दशकों से चले आ रहे इस गरबा में यह अंगारा रास लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है। पटेल युवा गरबा मंडल का आकर्षण अँधेरे में लगभग 25 युवाओं द्वारा खेला जाने वाला अंगारा रास है।
यहां पर पुरातन रासोत्सवों के बीच आज भी पौराणिक गरबा की लोकप्रियता बरकरार है। शहर में रंजीतनगर के पटेल समाज ने पिछले 80 वर्षों से आयोजित गरबा में काठियावाड़ी परिधानों में सजे युवाओं ने लोगों का खूब ध्यान खींचा है। खासकर अंगारा रास जिसमें आग के बीच युवाओं द्वारा की गई कला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। इसमें गरबा के बीच में कपास छिड़का जाता है, उसके बाद आग लगा दी जाती है, और लोग टिमटिमाती आग में गरबा खेलते हैं, जिससे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।
दशकों से आयोजित गरबा आज भी उसी उत्साह और जोश के साथ खेला जाता है। यहां आकर कई बुजुर्ग आज भी सालों पुरानी परंपरा को याद करते हैं।