भोपाल : प्रदेश के वन्यप्राणी अभयारण्यों जिनमें टाईगर रिजर्व के कोर एवं बफर क्षेत्र भी सम्मिलित हैं, में भ्रमण हेतु गोल्डन टाईगर पास 1 अक्टूबर से ऑनलाईन उपलब्ध होंगे। वन विभाग प्रत्येक पर्यटन वर्ष में यानि अक्टूबर से जून तक कुल 36 ऐसे पास जारी करेगा। प्रीमीयम दिवसों में टाईगर रिजर्व के कोर क्षेत्रों हेतु निर्धारित दर का 25 गुना के बराबर इस पास को प्राप्त करने की दर होगी जबकि विदेशी पर्यटक इसे भारतीयों हेतु निर्धारित दर के दोगुना के बराबर राशि देकर क्रय कर सकेंगे।

गोल्डन टाईगर पास योजना के तहत प्राप्त राशि प्रदेश के टाईगर रिजर्व में बराबर रुप से विकास निधि में खाते में जमा की जायेगी। यह पास उन देशी-विदेशी पर्यटकों के लिये उपयोगी होगा जो लंबी अवधि के प्रवास पर मप्र आते हैं और यहां की वन्यप्राणी धरोहर को सम्पूर्णता से देखना एवं अनुभव करना चाहते हैं। एक पास में अधिकतम दस व्यक्तियों का पंजीयन हो सकेगा तथा इसमें दिये नामों को एक पर्यटन वर्ष में एक बार ही परिवर्तित किया जा सकेगा।

धारक सहित अधिकतम 6 व्यक्तियों को एक बार में पास के उपयोग की अनुमति होगी। पास धारक को सफारी के दो दिन पहले शाम 5 बजे के पूर्व ऑनलाईन पोर्टल पर जाकर अपने लिये स्लॉट बुक करना होगा। जिन वन्यप्राणी पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों हेतु एक से अधिक पर्यटन जोन हैं, उनमें यह पास पर्यटक एक दिवस में किसी भी एक जोन का चयन कर सकेगा। इस पास के संबंध में वन विभाग ने मप्र वन्यप्राणी संरक्षण नियम 1974 में संशोधन कर प्रावधान कर दिया है।