दादा के हाथों में पोती और नाना के हाथों में नाती का शव। दोनों के पीछे अमित यादव और उसकी पत्नी की अर्थी। इंदौर में यह हृदय विदारक दृश्य जिसने भी देखा वह स्तब्ध रह गया। जिन फूल से बच्चों को बूढ़े हाथ दुलाराते थे, उन्हें दुनिया का सबसे भारी बोझ उठाते देख हर एक की आंखे नम हो गईं।  

इंदौर में कर्ज से परेशान अमित यादव ने बीवी-बच्चों को ज़हर देकर उनकी जान ले ली और फिर खुद भी इस दुनिया से चला गया। अमित ने ऑनलाइन लोन ऐप से 3 लाख का लोन लिया था,  लिया हुआ कर्ज न चुका पाने के कारण अमित ने ये घातक कदम उठाया। अमित यादव ने पहले अपनी पत्नी और 2 बच्चों को जहर देकर मार डाला, इसके बाद वो खुद भी फांसी के फंदे पर झूल गया।      

जान देने से पहले अमित यादव ने एक सुसाइड नोट में अपना दर्द ज़ाहिर करते हुए लिखा, है कि मैं आदमी बुरा नहीं हूँ, लेकिन हालात ने ऐसा करने पर मजबूर कर दिया है। सुसाइड नोट में आगे लिखा,"एक विशेष बात मेरे परिवार को बता दें कि लोन पैन कार्ड पर होता है, अगर पैन कार्ड धारक मर जाता है तो लोन का कोई अस्तित्व नहीं रहता, मेरे लोन को किसी को भरने की जरूरत नहीं है। मैं मेरे आई और मां-बाप से बहुत प्यार करता हूं, आपस में घर वाले न लड़े यही मेरी आखिरी इच्छा है, यह चिट्ठी मेरे घर वालों को जरूर पढ़ाया जाए, मम्मी मैं जा रहा हूं... अमित यादव, एक फकीर इंसान." 

मध्यप्रदेश के सागर के रहने वाले अमित यादव इंदौर में परिवार के साथ रहते थे। मंगलवार सुबह अमित के फोन न उठाने पर उसकी सास और परिवार वाले उसके किराए पर लिए घर पर पहुंचे। दरवाजा न खोलने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए। अमित का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। उसके पास में ही दोनों बच्चे और पत्नी बिस्तर पर बेसुध हालत में पड़े थे। जब उनकी नब्ज टटोली गई तो वह मृत पाए गए। पुलिस अब इस मामले में जांच कर रही है।