भोपाल: राज्य शासन ने गड़बड़ी करने वाले जल संसाधन विभाग के चार इंजीनियरों को आरोप-पत्र थमा दिये हैं तथा उनसे पन्द्रह दिन के अंदर जवाब देने के लिये कहा है।

विद्युत-यांत्रिकी भारी संयंत्र संभाग ग्वालियर के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री पीके पाठक को इसलिये आरोप-पत्र दिया गया है क्योंकि उन्होंने 1 अगस्त 2018 से 27 सितम्बर 2021 तक पदस्थी के दौरान पार्वती एक्वाडेक्ट के आयलिंग ग्रीसिंग टेण्डर में अनावश्यक शर्तें डाल कर टेण्डर का प्रकाशन कराया तथा निजी लाभ के लिये चहेती फर्मों को लाभ देने के लिये गैर जरुरी शर्तें डाली जबकि 2 करोड़ रुपये तक के टेण्डर में शर्तें डालने की शासन द्वारा मनाही है।

इसी प्रकार, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री पीसी सांकला जल संसाधन संभाग राजगढ़ में 13 सितम्बर 2018 तक, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उपसंभाग खिलचीपुर जेएस राणावत 30 सितम्बर 2016 से 4 जनवरी 2017 तक तथा तत्कालीन उपयंत्री जल संसाधन उपसंभाग खिलचीपुर अनिल कुमार अग्रवाल 21 अप्रैल 2004 से 20 अगस्त 2018 तक  कार्यरत रहे।

उनके द्वारा पीपल्याकलां तालाब के बांध एवं नहर मरम्मत, सुदृढ़ीकरण एवं पुनरुध्दार कार्य का अनुबंध ठेकेदार चौथमल दांगी से किया। ठेकेदार को बारह माह में कार्य पूर्ण करना था जिसकी समयावधि तीन माह और बढ़ाई गई लेकिन ठेकेदार ने अनुबंध राशि 122.09 लाख रुपये के विरुध्द मात्र 66.58 लाख रुपये का ही कार्य किया और फिर कार्य छोड़ दिया।

सांकला ने इसके बावजूद भी कार्य पूर्णता का प्रमाण-पत्र जारी कर दिया और ठेकेदार की एफडी भी लौटा दी जबकि उससे 8 लाख 32 हजार 360 रुपये की राशि वसूली जाना थी। नियमानुसार ठेकेदार का अनुबंध खत्म कर कार्यवाही की जाना थी परन्तु नहीं की गई। इन अधिकारियों ने सत्यापन किया गया और न ही गुणवत्ता का ध्यान रखा।