कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री शशिथरूर ने आज अपने ‘प्रचार दौरे पर यहां पहुंचकर प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से बंद कमरे में चर्चा की। शशि थरूर ने पार्टी मीटिंग में कहा कि वे परिवर्तन के उम्मीदवार हैं। दो दिन पहले ही मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी भोपाल का दौरा किया था।

हालांकि थरूर और खड़गे को लेकर कांग्रेस के 'मतदाताओं' का रुख अलग अलग रहा है। थरूर ने भी परोक्ष तौर पर इसकी पीड़ा जताई है लेकिन आज नाथ समेत कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की। मप्र में कई नेता काफी समय से थरूर को बेहतर बताते हुए उनके प्रति सहानुभूति जता रहे हैं। चूंकि थरूर कांग्रेस के जिस असंतुष्ट माने जाने वाले जी-23 समूह से जुड़े हैं, उस में शामिल कई वरिष्ठ नेताओं के समर्थक मप्र में भी हैं, लिहाजा माना जा रहा है कि कुछ वोट थरूर को मिल सकते हैं। वहीं भाजपा नेता विश्वास सारंग ने थरूर को बलि का बकरा' करार दिया है और कहा है कि यदि वे जनपथ पर नाक रगड़ते तो उन्हें भी तवज्जो मिलती।

इससे पहले पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल ने राजा भोज एयरपोर्ट पर थरूर का स्वागत किया। इसके बाद वे एयरपोर्ट से रवाना होकर कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां कमलनाथ, मप्र कांग्रेस के प्रभारी जेपी अग्रवाल के अलावा कांग्रेस के प्रमुख नेता मौजूद थे। थरूर ने दोनों से चर्चा की, इसके बाद वे सभागार में डेलीगेट्स के साथ बैठक के लिये पहुंचे। ज्ञात हो कि कांग्रेस के करीब पांच सौ प्रतिनिधि अध्यक्ष पद के मतदाता हैं। आज थरूर के लिए बमुश्किल सवा सौ ही मौजूद थे।

विधायक लक्ष्मण सिंह, कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अशोक सिंह, जेपी धनोपिया, नितेंद्र सिंह राठौर ही सबसे पहले पहुंचने वालों में दिखे। इससे पहले भोपाल आ चुके मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे के वक्त कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ा था। कांग्रेस अध्यक्ष के लिए 17 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और 19 अक्टूबर को चुनाव के नतीजों को ऐलान होगा तथा पार्टी को तीन दशक बाद गैर गांधी अध्यक्ष मिलेगा। 

कांग्रेस नेताओं को नहीं मिली सूचना

|वहीं कुछ कार्यकर्ताओं की यह भी शिकायत दिखी कि उन्हें शशि थरूर के दौरे की सूचना समय पर नहीं मिली। भोपाल के पार्षदों का कहना है कि कार्यक्रमों की सूचना लोकल के नेताओं और कार्यकर्ताओं को नहीं दी जा रही है। दो दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे के भोपाल दौरे के वक्त भोपाल के कई कांग्रेस नेता नजर नहीं आए थे।

इस हालत में आखिर हम कब तक रहें 

अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने पार्टी मीटिंग में कहा कि वे परिवर्तन के उम्मीदवार हैं और खड़गे नेतृत्व के नेता हैं। वो वैसा परिवर्तन नहीं ला सकते जैसा मैं सोचता हूं, जो कांग्रेस और देश दोनों के लिए जरूरी है। बताया जाता है कि बैठक में थरूर ने कहा, 2014 और इसके बाद हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 19% वोट मिले। इस हालत में हम कब तक रहेंगे। इसका एक ही इलाज है कि हमें जनता को दिखाना होगा कि कांग्रेस पार्टी दोबारा आकर्षित करने वाली पार्टी बन रही है। थरूर ने कहा, आज हम कार्यकर्ताओं से पूछ रहे हैं कि आप क्या चाहते हो? हमें जवाब देने का मौका भी मिल रहा है। पार्टी के मूल्य पार्टी के सिद्धांत हैं।